होम एक लाख के निजी मुचलके पर मुख्तार अंसारी को जमानत, मगर अब भी रिहाई मुश्किल
एक लाख के निजी मुचलके पर मुख्तार अंसारी को जमानत, मगर अब भी रिहाई मुश्किल
माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए ने रिहा करने का आदेश दे दिया है। मुख्तार अंसारी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था। फिलहाल एक लाख के व्यक्तिगत मुचलके पर रिहा का आदेश जारी हुआ है। गैंगस्टर एक्ट में यह मुकदमा दक्षिण टोला थाना क्षेत्र में दर्ज था। हालांकि कोर्ट के आदेश के बावजूद भी मुख्तार अंसारी को अभी भी जेल में ही रहना होगा। मुख्तार अंसारी पर अब भी दूसरे मुकदमे लंबित हैं। 2011 से गैंगस्टर एक्ट के मामले में मुख्तार अंसारी जेल में बंद है। मुख्तार अंसारी वर्तमान में उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद है और उन पर करीब 4 दर्जन से अधिक मुकदमे हैं।करीब 25 साल बाद यह पहला मौका है जब मुख्तार अंसारी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। मुख्तार अंसारी वर्तमान में मऊ जिले की मऊ सदर सीट से विधायक है। 1996 से लगातार वह इस सीट से विधायक चुने जा रहे हैं। मऊ सदर से इस बार मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। मुख्तार अंसारी दो बार बसपा के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं जबकि दो बार निर्दलीय और एक बार कौमी एकता दल के टिकट पर विधायक चुने जा चुके हैं। योगी सरकार ने मुख्तार अंसारी के कई करीबियों पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की है तथा उनके कई ठिकानों पर बुलडोजर भी चलवाए हैं।अदालत ने मुख्तार अंसारी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही रिहाई का परवाना बांदा जेल भेजे जाने का आदेश दिया। मुख्तार की तरफ से अदालत में दिये गये प्रार्थनापत्र में कहा गया था कि दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के गैंगस्टर एक्ट के मामले में वह नौ सितंबर 2011 से लगातार न्यायिक अभिरक्षा में हैं। इस मामले में अधिकतम 10 वर्ष की सजा का प्रावधान है लेकिन वह उससे ज्यादा समय से जेल में बंद हैं, लिहाजा अब उन्हें इस मामले में जेल में रखना वैधानिक नहीं है। वहीं, मऊ के पुलिस अधीक्षक सुशील धुले का कहना है कि मुख्तार अंसारी पर अब भी लगभग एक दर्जन मामले दर्ज हैं। उनका कहना है कि इन सभी मामलों में सुनवाई चल रही है लिहाजा किसी भी हालत में विधायक के जेल से छूटने की गुंजाइश नहीं है।
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