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प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Jul 24, 2025 04:08 PM

UP School Merger: यूपी स्कूल मर्जर पर हाईकोर्ट की फटकार, सीतापुर में रोक — पूछा सरकार से- बिना प्लान के क्यों किया फैसला?

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से राज्य के हजारों प्राथमिक स्कूलों के विलय (मर्जर) की योजना को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बड़ा आदेश दिया है। सीतापुर जिले से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने मर्जर प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाते हुए सरकार से यथास्थिति बनाए रखने को कहा है।

UP School Merger: यूपी स्कूल मर्जर पर हाईकोर्ट की फटकार, सीतापुर में रोक — पूछा सरकार से- बिना प्लान के क्यों किया फैसला?

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से राज्य के हजारों प्राथमिक स्कूलों के विलय (मर्जर) की योजना को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बड़ा आदेश दिया है।
सीतापुर जिले से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने मर्जर प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाते हुए सरकार से यथास्थिति बनाए रखने को कहा है।
कोर्ट ने मर्जर प्रक्रिया में गंभीर खामियां पाईं और इसपर कड़ी नाराजगी भी जताई।

हाईकोर्ट ने पूछा – “जब बच्चों की ज़रूरत ही नहीं देखी, तो मर्जर क्यों?”

मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और जस्टिस जसप्रीत सिंह की डबल बेंच ने राज्य सरकार से तीखे सवाल किए।

“आपके पास कोई सर्वे नहीं, कोई स्पष्ट प्लान नहीं —
जब बच्चे स्कूल में आने को तैयार नहीं, तो मर्जर किस आधार पर किया गया?”
अदालत ने पूछा, “शिक्षकों पर जबरन दबाव क्यों बनाया जा रहा है?”

50+ छात्र वाले स्कूल भी मर्ज — RTE एक्ट का उल्लंघन

कोर्ट ने पाया कि जिन स्कूलों में 50 से अधिक छात्र नामांकित हैं,
उन्हें भी मर्जर लिस्ट में शामिल किया गया —
जो कि साफ तौर पर RTE (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के खिलाफ है।

RTE के अनुसार, 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए
निर्धारित दूरी के भीतर स्कूल उपलब्ध होना अनिवार्य है।
मर्जर से बच्चों को 3-5 किलोमीटर दूर तक पैदल जाना पड़ सकता है।

शिक्षक संगठनों का विरोध तेज

राज्य सरकार के इस कदम के खिलाफ
प्राथमिक शिक्षक संघ और अन्य संगठनों ने
राज्यव्यापी प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

लखनऊ में हजारों शिक्षक और कर्मचारी
“स्कूल बचाओ, शिक्षा बचाओ” के नारे के साथ सड़कों पर उतरे।

उनका आरोप है कि:

  • सरकार ने बिना किसी ज़मीनी सर्वे और योजना के फैसला लिया
  • ग्रामीण क्षेत्रों में इससे शिक्षा व्यवस्था चरमराएगी
  • बच्चों की उपस्थिति और सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा

सरकार की दलील – “बेहतर संसाधन, गुणवत्ता में सुधार”

राज्य सरकार ने कोर्ट में दलील दी कि:

  • कई स्कूलों में नामांकन बेहद कम है
  • शिक्षक और संसाधनों का असमान वितरण है
  • मर्जर से बेटर इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षक व्यवस्था और लाइब्रेरी/सामुदायिक केंद्र विकसित किए जाएंगे

क्या बोले याचिकाकर्ता?

याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि:

  • बच्चों को स्कूल भेजना और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना पहले से ही चुनौती है
  • दूर-दराज स्कूलों में जाने से छात्राओं और छोटे बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई दोनों प्रभावित होगी
  • यह RTE एक्ट का सीधा उल्लंघन है

अगली सुनवाई 21 अगस्त को

फिलहाल सीतापुर जिले में स्कूल मर्जर पर रोक लागू कर दी गई है।
सरकार को अगली सुनवाई में 21 अगस्त तक अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

उत्तर प्रदेश सरकार के स्कूल मर्जर प्लान को न्यायिक झटका मिला है।
हाईकोर्ट ने दो टूक कहा – बिना योजना, बिना सर्वे, बच्चों और शिक्षकों की अनदेखी कर ऐसा फैसला नहीं लिया जा सकता।

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