होम क्या अपर्णा यादव फिर थामेंगी सपा का दामन? ओपी राजभर ने अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, दिया बड़ा बयान
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव के समाजवादी पार्टी में वापसी की चर्चाएं तेज हैं।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव के समाजवादी पार्टी में वापसी की चर्चाएं तेज हैं। इस बीच प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने इन अटकलों पर बड़ा बयान देते हुए इसे पूरी तरह अफवाह करार दिया है।
आजमगढ़ दौरे पर पहुंचे ओम प्रकाश राजभर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अपर्णा यादव वर्तमान में भाजपा सरकार में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं और उनके समाजवादी पार्टी में शामिल होने की खबरों का कोई आधार नहीं है।
अपर्णा यादव की समाजवादी पार्टी में वापसी की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए Om Prakash Rajbhar ने कहा कि विपक्ष केवल भ्रम फैलाने का काम कर रहा है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी में कुछ लोग पोस्टरबाजी में लगे हैं, कुछ ट्विटर चलाने में व्यस्त हैं और कुछ केवल माहौल खराब करने का काम कर रहे हैं। राजभर के अनुसार, अपर्णा यादव के सपा में जाने की चर्चा केवल राजनीतिक अफवाह है।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर पूछे गए सवाल पर राजभर ने कहा कि सरकार जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए लगातार कदम उठा रही है और यह फैसला भी उसी दिशा में उठाया गया है।
उन्होंने संकेत दिया कि सरकार बाजार व्यवस्था को संतुलित रखने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाती रहती है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi द्वारा सीबीएसई और अन्य मुद्दों को लेकर उठाए गए सवालों पर भी राजभर ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि सरकार राहुल गांधी के निर्देशों पर काम नहीं करती, बल्कि देशहित को ध्यान में रखकर फैसले लेती है। राजभर ने यह भी कहा कि राहुल गांधी के बयानों को वह कोई विशेष राजनीतिक महत्व नहीं देते।
समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav पर हमला बोलते हुए राजभर ने कहा कि राजनीति जनता के बीच जाकर की जाती है, न कि एयर कंडीशनर वाले कमरों में बैठकर सोशल मीडिया चलाने से।
उन्होंने कहा, "राजनीति जमीन पर उतरकर जनता के बीच रहने से होती है, न कि ए सी कमरों में बैठकर ट्विटर चलाने और शगूफे छोड़ने से. 45-46 डिग्री तापमान में कार्यकर्ता और नेता जनता के बीच पसीना बहा रहे थे, जबकि अखिलेश यादव ए सी कमरों से बाहर नहीं निकल रहे थे. दोपहर में उठकर ट्वीट करना और सप्ताह में दो प्रेस कॉन्फ्रेंस करना ही उनकी राजनीति बनकर रह गई है."
प्रदेश की कानून-व्यवस्था और एनकाउंटर को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भी राजभर ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में अपराधी खुलेआम घूमते थे और प्रदेश कई दंगों का गवाह बना था।
राजभर का दावा है कि वर्तमान सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और इसी वजह से विपक्ष परेशान दिखाई दे रहा है।
महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी द्वारा किए गए प्रदर्शनों को लेकर भी उन्होंने निशाना साधा। राजभर ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग कार्यक्रम होना इस बात का संकेत है कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आंतरिक खींचतान और तानाशाही की राजनीति समाजवादी पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
अतरौलिया विधानसभा सीट को लेकर निषाद पार्टी प्रमुख Sanjay Nishad के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि राजभर और निषाद समाज का वोट बैंक एक-दूसरे का पूरक है।
उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में अतरौलिया सीट पर पिछड़े वर्ग का मजबूत उम्मीदवार उतारने की जरूरत है, जिससे सामाजिक समीकरण और मजबूत हो सकें।
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