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समाचारराजनीतिप्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Dec 2, 2025 06:13 PM

योगी सरकार में ₹9.8 करोड़ की राशि मिली स्वीकृत, इन 14 जिलों के अस्पतालों की बदलेगी सूरत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के 14 सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित करने के लिए कुल ₹9.80 करोड़ रुपये की राशि को स्वीकृति प्रदान की गई है।

योगी सरकार में ₹9.8 करोड़ की राशि मिली स्वीकृत, इन 14 जिलों के अस्पतालों की बदलेगी सूरत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के 14 सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित करने के लिए कुल ₹9.80 करोड़ रुपये की राशि को स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल का विशेष फोकस उन जिलों पर है, जहां आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं और डायग्नोस्टिक उपकरणों की उपलब्धता कम है।

किन जिलों और अस्पतालों को कितनी राशि आवंटित?

मुख्यमंत्री ने विशेषतौर पर उन 14 जिलों में आधुनिक उपकरणों की खरीद और स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए ₹9.8 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।

चिकित्सालय का नामजिलास्वीकृत राशि (करोड़/लाख रुपये में)
रामसागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय, साढ़ामऊबीकेटी (लखनऊ)₹2.70 करोड़
जिला महिला चिकित्सालयबलरामपुर₹1.52 करोड़
जिला चिकित्सालयरायबरेली₹1.56 करोड़
जिला संयुक्त चिकित्सालयमहाराजगंज₹1.16 करोड़
जिला संयुक्त चिकित्सालयबागपत₹28.55 लाख
दीवान शत्रुघ्न सिंह संयुक्त चिकित्सालयहमीरपुर₹3.35 लाख
महिला चिकित्सालय हरैयाबस्ती₹8.68 लाख
डॉ. भीमराव आंबेडकर संयुक्त जिला चिकित्सालयइटावा₹38.96 लाख

यह धनराशि विशेष रूप से स्वास्थ्य संबंधित उपकरणों, अत्याधुनिक जांच मशीनों और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में खर्च की जाएगी।

स्थानीय स्तर पर मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ

इस निवेश का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय स्तर पर दिखाई देगा, खासकर ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्रों के मरीजों को।

  • त्वरित निदान: जिला अस्पतालों में अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरणों की स्थापना से जांच का समय घटेगा, मरीजों को सस्ता व त्वरित इलाज मिल सकेगा।
  • रेफरल केस में कमी: सीटी स्कैन, एक्स-रे और अन्य उन्नत मशीनों से कैंसर या हृदय रोग जैसे गंभीर मामलों का तत्काल निदान संभव हो सकेगा एवं रेफरल केसों में कमी आयेगी।
  • दबाव में कमी: यह पहल लखनऊ एवं अन्य बड़े शहरों के केंद्रीय अस्पतालों पर पड़ने वाले मरीजों के दबाव में भी कमी लाएगी और WHO के मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

यह कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकसित यूपी- 2047 के विजन की व्यापक स्वास्थ्य नीति का हिस्सा है।

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