होम 2027 चुनाव से पहले बड़ा दांव? यूपी की 132 सीटों पर महिला आरक्षण की मांग से सियासत गरम
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव में महिला आरक्षण लागू करने की मांग उठाई है।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव में महिला आरक्षण लागू करने की मांग उठाई है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो 403 सदस्यीय विधानसभा में करीब 132 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं।
कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए सरकार पर दबाव बनाया। उन्होंने लिखा, "पीडीए की मांग है कि जो ‘महिला आरक्षण’ समस्त विपक्ष ने मिलकर संसद में सहर्ष पास किया है उसे 2027 के उप्र विधानसभा चुनाव में लागू करने की घोषणा भाजपा सरकार तत्काल करे या कह दे कि पुरुषवादी भाजपाई और उनके सामंती संगी-साथी महिलाओं को आरक्षण के खिलाफ हैं. जब तक ये घोषणा नहीं होगी तब तक हम ये बात हर हफ़्ते जगह-जगह उठाते रहेंगे."
अखिलेश यादव की यह मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान के बाद सामने आई है। सोमवार, 4 मई को बीजेपी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा था कि जिसने संसद में महिला आरक्षण को रोका, उसे यूपी की महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि महिला विरोधी राजनीति करने वाली पार्टियां अपने इस रवैये से कभी मुक्त नहीं हो पाएंगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि देश में नारी शक्ति तेजी से आगे बढ़ रही है और विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने संसद में ‘नारी शक्ति वंदन संशोधन’ को पास होने से रोकने की कोशिश की।
अगर यूपी विधानसभा चुनाव में महिला आरक्षण लागू होता है, तो राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे न सिर्फ महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि पार्टियों की टिकट वितरण रणनीति और सामाजिक समीकरण भी पूरी तरह बदल सकते हैं।
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