होम 800 साल पुराना भगवान शिव का मंदिर बना जंग की वजह, थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर ता मोअन मंदिर को लेकर संघर्ष तेज
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच एक बार फिर से सीमा विवाद ने तूल पकड़ लिया है — और इसकी जड़ है एक प्राचीन हिंदू मंदिर, जो भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर कोई साधारण स्थल नहीं, बल्कि 800 साल पुराना ता मोअन शिव मंदिर (Prasat Ta Moan Thom) है, जो दोनों देशों की सीमा पर स्थित है और..
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच एक बार फिर से सीमा विवाद ने तूल पकड़ लिया है — और इसकी जड़ है एक प्राचीन हिंदू मंदिर, जो भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर कोई साधारण स्थल नहीं, बल्कि 800 साल पुराना ता मोअन शिव मंदिर (Prasat Ta Moan Thom) है, जो दोनों देशों की सीमा पर स्थित है और लंबे समय से विवाद का कारण बना हुआ है।
इस मंदिर को लेकर संघर्ष इतना बढ़ गया है कि हाल ही में एक सैन्य झड़प में थाईलैंड में 12 लोगों की मौत हो गई। आइए जानते हैं इस मंदिर की खासियत और विवाद की पूरी कहानी—
यह विवादित मंदिर ता मोअन मंदिर परिसर का हिस्सा है और इसे भी प्रासात ता मोअन थोम (Prasat Ta Moan Thom) कहा जाता है।
नेशन थाईलैंड की रिपोर्ट के मुताबिक:
ता मोअन मंदिर परिसर में तीन मंदिर प्रमुख हैं:
इनमें से ता मोअन मंदिर सबसे बड़ा और सबसे प्राचीन माना जाता है।
ता मोअन शिव मंदिर सिर्फ एक ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया में फैले हिंदू संस्कृति के वैभव का प्रतीक है। लेकिन अफसोस की बात है कि आज यह राजनीतिक और सैन्य तनाव का कारण बन गया है।
अब देखना होगा कि दोनों देश इस पवित्र स्थल को संघर्ष से निकालकर सांस्कृतिक विरासत के रूप में संरक्षित कर पाते हैं या नहीं।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।