होम स्वामी प्रसाद मौर्य ने दलित-पिछड़ों नहीं बेटे के उत्थान की वजह से छोड़ी भाजपा

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Jan 12, 2022 09:40 PM

स्वामी प्रसाद मौर्य ने दलित-पिछड़ों नहीं बेटे के उत्थान की वजह से छोड़ी भाजपा

स्वामी प्रसाद मौर्य ने दलित-पिछड़ों नहीं बेटे के उत्थान की वजह से छोड़ी भाजपा

स्वामी प्रसाद मौर्य ने दलित-पिछड़ों नहीं बेटे के उत्थान की वजह से छोड़ी भाजपा

 यूपी सरकार में बड़े मंत्री और भाजपा के कद्दावर ओबीसी चेहरा रहे स्वामी प्रसाद मौर्य के मंत्री पद से इस्तीफे से चुनाव से पहले बीजेपी को अबतक का सबसे बड़ा झटका लगा है।

अबतक कम से कम चार विधायक सामने आए हैं, जो पूरी तरह से मौर्य के साथ होने की बात कह रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर वह अभी भी भाजपा में बने हुए हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कल जिस तरह से इसपर प्रतिक्रिया दी थी तो लग रहा है कि उनकी डील लगभग फाइनल है, लेकिन बात सिर्फ एक सीट को लेकर अटक रही है! वह सीट है ऊंचाहार विधानसभा सीट, जहां से स्वामी अपने बेटे के लिए सपा का टिकट चाह रहे हैं। दरअसल, इसी सीट से बेटे को टिकट दिलाने के लिए उन्होंने 6 साल पहले हाथी से उतरकर कमल थामने का फैला किया था। आज एक बार फिर से वही सीट उनकी राजनीति के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण बन चुकी है।


बेटे के टिकट के लिए स्वामी कर रहे हैं डील!

उत्तर प्रदेश के श्रम और रोजगार मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को राज्यपाल को इस्तीफा भेजकर जितनी तेजी से उसे ट्विटर पर शेयर किया था, करीब 24 घंटे बाद उनके बायो में कोई भी बदलाव नहीं दिख रहा है और वो खुद को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री के रूप में ही पेश करते दिख रहे हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी उनकी तस्वीर शेयर कर जितनी तेजी से उन्हें अपनी पार्टी में सम्मान करने वाला ट्वीट किया तो लोगों को लगा कि डील पक्की हो चुकी है। लेकिन, अब लग रहा है कि अभी बात फाइनल नहीं हुई है और मौर्य अपने बेटे उत्कृष्ट मौर्य के लिए एक खास सीट पक्की करने को लेकर समाजवादी पार्टी के साथ भी उसी तरह से तोल-मोल में लगे हुए हैं। क्योंकि, खुद स्वामी और उनकी सांसद बेटी संघमित्रा मौर्य का कहना है कि अभी तक वे किसी पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं।

बेटे के लिए चाहते हैं ऊंचाहार सीट से टिकट!

स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में सियासत में काफी ऊंचाइयां हासिल की हैं और पांच-पांच बार उन्हें विधायक चुने जाने का मौका मिल चुका है। 2019 के चुनाव में बीजेपी से उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य भी बदायूं से लोकसभा चुनाव जीतने में सफल हो चुकी हैं। लेकिन बेटा उत्कृष्ट को वह दो बार, दो दलों से चुनाव लड़वाकर भी विधानसभा भेजने में नाकाम रहे हैं। 2012 में उन्होंने रायबरेली की ऊंचाहार सीट से बसपा के टिकट पर हाथ आजमाया था और 2017 के लिए भी वहीं से टिकट चाह रहे थे, लेकिन तब मायावती ने साफ मना कर दिया था। बसपा सुप्रीमो ने एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्हें पार्टी से बाहर करने का दावा करते हुए कहा था कि वे बेटा और बेटी को टिकट देने का दबाव बना रहे थे। लेकिन, तब बड़ी उम्मीद से भाजपा ने उन्हें हाथों-हाथ लिया था और बदले में ऊंचाहार सीट से उत्कृष्ट को टिकट भी दिया, लेकिन वह फिर से फेल हो गए। दोनों बार उन्हें समाजवादी पार्टी के मनोज कुमार पांडे ने शिकस्त दी है।

बेटे को राजनीति में सेट करने की मुहिम!

स्वामी प्रसाद मौर्य किसी भी स्थिति में राजनीति में सक्रिय रहते हुए ही अपने बेटे का सियासी करियर सेट करना चाहते हैं। लेकिन, इस बार बीजेपी जीतने वाले उम्मीदवारों पर ही दांव लगाने की ठान चुकी है। सूत्रों का कहना है कि स्वामी एक बार फिर से ऊंचाहार से ही बेटे के लिए टिकट की मांग कर रहे थे। लेकिन, जिस तरह से मायावती को उन्हें टिकट देना बेकार लगा, शायद उसी तरह से बीजेपी को भी उस सीट के लिए उत्कृष्ट इस बार भी कमजोर उम्मीदवार लग रहे हैं। जबकि, स्वामी प्रसाद मौर्य को लगता है कि अगर समाजवादी पार्टी ने उनके बेटे को टिकट दे दिया तो मुस्लिम, यादव और मौर्य वोट बैंक की जोर पर उनका बेटा इस बार जरूर सेट हो जाएगा।

सपा दे रही है दूसरी सीट से चुनाव लड़ने का ऑफर!

स्वामी प्रसाद मौर्य साइकिल थामेंगे तो चाहेंगे कि अखिलेश ऊंचाहार सीट उनके बेटे के लिए खाली करा दें। लेकिन, जिस चुनाव में विपक्ष योगी सरकार पर ब्राह्मण विरोधी होने का आरोप लगाने से थक नहीं रहा है, उन हालातों में सीटिंग विधायक मनोज कुमार पांडे का टिकट काटना, सपा के लिए अपनी पैर में कुल्हाड़ी मारने से कम नहीं होगा। खासकर तब जब कहा जा रहा है कि बीजेपी वाले भी मनोज पांडे को लपकने के लिए तैयार बैठे हैं। कहा जा रहा है कि गैर-यादव ओबीसी वोट बैंक को मजबूत करने के लिए अखिलेश किसी भी कीमत पर मौर्य को मायूस नहीं करना चाहते। इसलिए जानकारी के मुताबिक वो उत्कृष्ट के लिए पार्टी की ओर से फाफामऊ सीट का ऑफर स्वामी को दे रहे हैं।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)