होम शंकराचार्य विवाद में अब प्रेमानंद महाराज की एंट्री, फलाहारी बाबा के सनसनीखेज खुलासे
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण (POCSO) का मुकदमा दर्ज होने के बाद संत समाज में भूचाल आ गया है। इस पूरे विवाद में अब एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ आ गया है।
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण (POCSO) का मुकदमा दर्ज होने के बाद संत समाज में भूचाल आ गया है। इस पूरे विवाद में अब एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने शंकराचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। फलाहारी बाबा ने आशुतोष को 'हिस्ट्रीशीटर' बताते हुए दावा किया है कि वह इससे पहले मशहूर कथावाचक प्रेमानंद महाराज को भी अपना निशाना बना चुका है।
'प्रेमानंद महाराज से भी ऐंठना चाहता था मोटी रकम'
दिनेश फलाहारी महाराज ने आशुतोष ब्रह्मचारी की मंशा पर सीधे सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि आशुतोष ने शोहरत और मोटी रकम ऐंठने के लालच में मासूम बच्चों को प्रलोभन देकर शंकराचार्य को इस झूठे केस में फंसाने का षड्यंत्र रचा है। सबसे बड़ा खुलासा करते हुए फलाहारी बाबा ने कहा कि आशुतोष इससे पहले वृंदावन के परम श्रद्धेय संत प्रेमानंद महाराज पर भी बेबुनियाद इल्जाम लगा चुका है, जिसका मुख्य उद्देश्य केवल धन ऐंठना था।
Z-सिक्योरिटी के लिए रची झूठे हमलों की साजिश!
फलाहारी बाबा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस पूरे 'षड्यंत्र' की पोल खोलने की मांग की है। उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी के आपराधिक इतिहास (Criminal Record) का कच्चा-चिट्ठा खोलते हुए कई सनसनीखेज दावे किए हैं:
PM मोदी से CBI जांच की मांग, दी 'इच्छा मृत्यु' की चेतावनी
प्रधानमंत्री मोदी को 'सनातनी हिंदुओं का गौरव' बताते हुए फलाहारी महाराज ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की तत्काल सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शंकराचार्य पूरी तरह निर्दोष हैं और आशुतोष ब्रह्मचारी के दर्जनों आपराधिक मामलों की भी गहन जांच होनी चाहिए। अगर सरकार इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश नहीं देती है, तो फलाहारी बाबा ने 'इच्छा मृत्यु' (Euthanasia) की मांग कर डाली है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।