होम मंच पर रो पड़े मंत्री संजय निषाद, गोरखपुर की जनसभा में भावुक भाषण से गरमाई यूपी की सियासत
उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव में अब एक साल से भी कम समय बचा है और सभी राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से माहौल बनाने में जुटे हैं।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव में अब एक साल से भी कम समय बचा है और सभी राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से माहौल बनाने में जुटे हैं। इसी बीच योगी सरकार के मंत्री और निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद का गोरखपुर दौरा चर्चा का विषय बन गया, जहां जनसभा के दौरान उनका भावुक अंदाज देखने को मिला।
गोरखपुर पहुंचे मंत्री संजय निषाद दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। भाषण के दौरान वे अचानक भावुक हो गए और मंच पर ही फूट-फूटकर रोने लगे। उनके इस व्यवहार ने सभा में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और कार्यक्रम राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया।
जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. संजय निषाद ने अपने समाज के साथ हुए व्यवहार का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने मंच से कहा, "हमारे समाज के लोगों को पिछली सरकारों ने लूटा, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साथ दिया है."
उन्होंने आगे भावुक होकर कहा, "मेरी बहन-बेटियों की इज्जत लूटी गई है, हमारे बच्चों को पीछे छोड़ दिया गया, अपनी पार्टी बनाओ, अपने खड़े होंगे तो पार्टी खड़ी होगी. पिछली सरकारों ने हमको ठगने और लूटने का काम किया, मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद दूंगा."
संजय निषाद ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने निषाद समाज की समस्याओं को समझा और सदन में उनकी मांगों को मजबूती से उठाया। उन्होंने मंच से समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा, "मैं अपने समाज से अपील करता हूं कि ठगों और बेईमानों का साथ छोड़ें."
गोरखपुर में मंत्री संजय निषाद का मंच से भावुक होकर रोना अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव 2027 से पहले दिया गया यह संदेश चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। वहीं कुछ जानकार इसे आगामी चुनाव को ध्यान में रखकर बनाई गई राजनीतिक रणनीति के रूप में भी देख रहे हैं।
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