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महोबा में मोदी-योगी का आगमन: डिवाइडर रंग दिए भगवा, रैली के लिए उड़ाईं नियमों की धज्जियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के महोबा आगमन पर पूरे जिले को भगवामय करने की तैयारी चल रही है। झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर छह माह पहले डिवाइडर को काले-सफेद रंग से पेंट किया गया था, जिसे अब भगवा रंग दिया जा रहा है। यातायात माह नवंबर के तहत सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है।
दूसरी ओर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाईं जा रही है। वाहन चालकों की सुविधा के लिए काले व सफेद रंगे से पोते गए हाईवे के डिवाइडर को अब भगवा रंग से पेंट किया जा रहा है। रामप्रताप, दिनेश, प्रमोद आदि वाहन चालकों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा बड़ी धनराशि खर्च कर छह माह पहले ही रेडियम और पेंट से डिवाइडरों को पुतवाया गया था, लेकिन अब इसे भगवा रंग दिया जा रहा है।
इससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। डिवाइडर व पुलों की दीवारों में दूसरा रंग पेंट किए जाने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी और प्रशासन से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर भगवामय माहौल तैयार किया जा रहा है। इसके लिए जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता दिन-रात जुटे हैं।
कुलपहाड़ निवासी इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता एनके मिश्रा का कहना है कि हर सप्ताह इलाहाबाद से कुलपहाड़ आते-जाते हैं। रात में काली-पीली व काली-सफेद पेंट किए गए डिवाइडर, पुल की दीवारें व साइन बोर्ड वाहन चलाने में सहायता करते हैं। इनको किसी दूसरे रंग से पेंट करना कानूनन अपराध है। इसमें सजा का प्रावधान भी किया गया है। यदि पेंट किए गए स्थान पर कोई दुर्घटना होती है तो उसके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है।
कुलपहाड़ निवासी अंशुमान का कहना है कि डिवाइडर और पुलों पर काली-सफेद पेंट राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा कराई जाती है। ताकि रात में चालक वाहन चलाते समय डिवाइडर व पुल की दीवार से न टकराए। यदि डिवाइडर व पुल की दीवारें किसी अन्य रंग से पेंट करेंगे तो रात में वाहन चालक सही ढंग से नहीं समझ पाता और दुर्घटना हो जाती है। डिवाइडर में मनमाने तरीके से रंग कराना लोगों के लिए बेहद खतरनाक है और इसे रोका जाना चाहिए।
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