होम 20 हजार टन LPG लेकर भारत पहुंचा टैंकर, लेकिन जानकर चौंक जाएंगे… देश में सिर्फ इतने घंटे चलेगी ये गैस!

समाचारदेशअर्थ व बाजार Alert Star Digital Team May 20, 2026 02:55 PM

20 हजार टन LPG लेकर भारत पहुंचा टैंकर, लेकिन जानकर चौंक जाएंगे… देश में सिर्फ इतने घंटे चलेगी ये गैस!

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा सप्लाई को लेकर जारी चिंताओं के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 20 हजार टन एलपीजी लेकर ‘सिमी’ नाम का विशाल गैस टैंकर सुरक्षित रूप से गुजरात पहुंच गया है।

20 हजार टन LPG लेकर भारत पहुंचा टैंकर, लेकिन जानकर चौंक जाएंगे… देश में सिर्फ इतने घंटे चलेगी ये गैस!

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा सप्लाई को लेकर जारी चिंताओं के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 20 हजार टन एलपीजी लेकर ‘सिमी’ नाम का विशाल गैस टैंकर सुरक्षित रूप से गुजरात पहुंच गया है। हालांकि, भारत जैसे विशाल उपभोक्ता देश के लिए यह खेप कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा देश की रोजाना गैस खपत के आंकड़ों से लगाया जा सकता है।

भारत इस समय दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी उपभोक्ता देश है और यहां घरेलू रसोई से लेकर कमर्शियल सेक्टर तक गैस की मांग लगातार बढ़ रही है।

गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंचा ‘सिमी’ टैंकर

पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच ‘सिमी’ नाम का एलपीजी कैरियर गुजरात स्थित Deendayal Port पर सुरक्षित पहुंच चुका है। यह जहाज होर्मुज स्ट्रेट जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग को पार कर भारत पहुंचा।

बताया जा रहा है कि 13 मई को जहाज ने होर्मुज स्ट्रेट पार किया था। इस टैंकर को सुरक्षित लाने में 21 क्रू मेंबर्स की अहम भूमिका रही, जिनमें 8 यूक्रेनी और 13 फिलिपीनी नागरिक शामिल थे।

भारत में कितने समय चलेगी 20 हजार टन LPG?

20 हजार टन एलपीजी सुनने में बड़ी मात्रा लग सकती है, लेकिन भारत की जरूरतों के सामने यह बेहद कम है। आंकड़ों के मुताबिक इतनी गैस से देश में सिर्फ लगभग 8 घंटे तक ही काम चल सकेगा।

दरअसल भारत में सामान्य दिनों में हर रोज करीब 55 हजार से 60 हजार मीट्रिक टन एलपीजी की खपत होती है। वहीं त्योहारों और पीक सीजन में यह मांग बढ़कर 80 हजार से 90 हजार टन प्रतिदिन तक पहुंच जाती है।

यानी 20 हजार टन की यह पूरी खेप देश की एक दिन की जरूरत भी पूरी नहीं कर सकती।

भारत में LPG की मांग इतनी ज्यादा क्यों?

भारत में करोड़ों घरों में रसोई गैस का इस्तेमाल होता है। इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट, इंडस्ट्री और कमर्शियल सेक्टर में भी एलपीजी की भारी मांग रहती है।

देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए Indian Oil Corporation और Bharat Petroleum जैसी सरकारी कंपनियां लगातार उत्पादन कर रही हैं। ये कंपनियां देश की कुल एलपीजी जरूरत का करीब 40% से 60% हिस्सा घरेलू स्तर पर ही उपलब्ध करा देती हैं।

सालभर में कितनी LPG खपत करता है भारत?

भारत की वार्षिक एलपीजी मांग अब लगभग 3.1 करोड़ टन से 3.3 करोड़ टन तक पहुंच चुकी है। इतनी बड़ी मांग को संभालने के लिए देश के पास करीब 16 लाख टन एलपीजी स्टोरेज क्षमता मौजूद है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार भारत के पास लगभग 45 दिनों का रोलिंग स्टॉक यानी एडवांस एलपीजी बैकअप उपलब्ध रहता है, जिससे आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी देश की जरूरतों को कुछ समय तक संभाला जा सकता है।

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