होम Voter List Update: वोटर लिस्ट से नाम कटने वालों को बड़ी राहत! चुनाव आयोग ने BLO को दोबारा घर भेजने का दिया आदेश, ऐसे जुड़वा सकेंगे नाम
जिन राज्यों में फिलहाल SIR की प्रक्रिया चल रही है, वहां ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर किए गए मतदाताओं को दोबारा खोजने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। जिन राज्यों में फिलहाल SIR की प्रक्रिया चल रही है, वहां ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर किए गए मतदाताओं को दोबारा खोजने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) एक बार फिर संबंधित मतदाताओं के घर जाकर सत्यापन करेंगे। चुनाव आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए और योग्य लोगों को अपना नाम दोबारा जुड़वाने का अवसर मिल सके।
केंद्रीय चुनाव आयोग ने दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, नागालैंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और झारखंड के अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इन राज्यों में जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, उनके पते पर BLO दोबारा पहुंचेंगे।
इस दौरान अधिकारी जांच करेंगे कि संबंधित मतदाता वास्तव में उसी पते पर रह रहा है या नहीं। सत्यापन के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि मतदाता का नाम किस कारण से सूची से हटाया गया और क्या वह दोबारा नाम शामिल कराने के योग्य है।
चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए लोगों के नामों की सूची संबंधित पोलिंग बूथों पर भी प्रदर्शित की जाए। इससे मतदाता आसानी से जांच सकेंगे कि उनका नाम सूची से हटाया गया है या नहीं।
जिन लोगों का नाम हटाया गया है, उन्हें दोबारा पंजीकरण कराने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए चुनाव आयोग ने एक विशेष फॉर्म भी जारी किया है। यह राहत उन मतदाताओं को मिलेगी, जिन्हें न्यूमरेशन फॉर्म जारी किए गए थे, लेकिन सत्यापन के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट श्रेणी में रखकर ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया था।
चुनाव आयोग ने संबंधित अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया की कड़ी निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता अंतिम वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के अवसर से वंचित न रहे।
इसके साथ ही आयोग यह भी सुनिश्चित करना चाहता है कि किसी फर्जी या डुप्लिकेट मतदाता का नाम दोबारा सूची में शामिल न हो। आयोग के मुताबिक, बिहार और पश्चिम बंगाल सहित अब तक 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
वहीं, मतदाता सूची के निरंतर अद्यतन (Continuous Update) की प्रक्रिया के तहत छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम शामिल किए जा सकते हैं। चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को इस प्रक्रिया में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
चुनाव आयोग ने अपने एक हलफनामे में आंतरिक कार्य आवंटन और एक अधिकारी की कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों पर भी स्पष्टीकरण दिया है। आयोग ने बताया कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र किसी नीतिगत फैसले या चुनाव आयोग के आईटी विभाग से जुड़े मामले को लेकर नहीं था।
ECI के अनुसार, यह पत्र आयोग में प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारी की ओर से जारी किए गए कार्य पुनर्वितरण के आदेशों को दोनों चुनाव आयुक्तों के निर्देश के बाद लागू नहीं किया गया था।
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