होम CEC के बाद अब जजों पर बरसे सौरव दास! बोले- कई जजों ने देश और संविधान के साथ किया धोखा

समाचारदेश Alert Star Digital Team Oct 26, 2026 06:00 PM

CEC के बाद अब जजों पर बरसे सौरव दास! बोले- कई जजों ने देश और संविधान के साथ किया धोखा

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चुनावों में धांधली और वोट चोरी के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन करने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं।

CEC के बाद अब जजों पर बरसे सौरव दास! बोले- कई जजों ने देश और संविधान के साथ किया धोखा

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चुनावों में धांधली और वोट चोरी के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन करने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने देश की न्यायपालिका पर सवाल उठाए हैं। सौरव दास ने बिना किसी जज का नाम लिए आरोप लगाया कि कई न्यायाधीशों ने देश के साथ विश्वासघात किया है और संविधान के साथ धोखा किया है।

सौरव दास ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की जवाबदेही से जुड़े एक कार्यक्रम का जिक्र करते हुए लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की। उनके बयान के बाद न्यायपालिका की जवाबदेही का मुद्दा चर्चा में आ गया है।

X पोस्ट में सौरव दास ने जजों को लेकर क्या कहा?

सौरव दास ने अपनी पोस्ट में न्यायाधीशों की जवाबदेही को मौजूदा समय की महत्वपूर्ण जरूरत बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जजों ने देश और संविधान के साथ विश्वासघात किया है। साथ ही, उन्होंने कहा कि उनकी जवाबदेही उचित समय पर तय की जाएगी।

सौरव दास ने पोस्ट में कहा, ‘मौजूदा वक्त को देखते हुए यह एक बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रम है. कृपया इसमें शामिल हों. जजों की जवाबदेही समय की मांग है. दुर्भाग्य से कई जजों ने देश के साथ विश्वासघात किया है और संविधान के साथ भी धोखा किया है. उनकी जवाबदेही सही समय पर तय की जाएगी.’

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब उन्होंने लोगों से सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीशों की जवाबदेही पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेने की अपील की है।

दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में कौन-कौन होगा शामिल?

सौरव दास ने जिस कार्यक्रम का उल्लेख किया है, उसका विषय सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की जवाबदेही है। यह कार्यक्रम मंगलवार को दिल्ली में आयोजित होना है।

इस कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस ए. एस. ओका मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल होंगे। इसके अलावा, पैनल चर्चा में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और प्रशांत भूषण सहित कई अन्य वक्ताओं के हिस्सा लेने की जानकारी दी गई है।

कार्यक्रम में न्यायाधीशों की जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। सौरव दास ने इसी कार्यक्रम का हवाला देते हुए लोगों से इसमें शामिल होने का आग्रह किया है।

CEC ज्ञानेश कुमार के बाद अब न्यायपालिका पर साधा निशाना

सौरव दास इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और चुनावों में कथित धांधली तथा वोट चोरी के आरोपों को लेकर चर्चा में आए थे। खबर के मुताबिक, उन्होंने हाल ही में एक सप्ताह से अधिक समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में बिताया था।

हिरासत से रिहा होने के बाद CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर उनके रुख में नरमी आने की बात कही गई है। हालांकि, अब उन्होंने न्यायपालिका के कुछ सदस्यों की जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए हैं।

सौरव दास की ओर से की गई ताजा टिप्पणी ने एक बार फिर उनके राजनीतिक और सार्वजनिक बयानों को चर्चा में ला दिया है।

पहले भी अदालतों को लेकर टिप्पणी करते रहे हैं सौरव दास

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास की ओर से अदालतों और न्यायपालिका को लेकर टिप्पणी किए जाने का यह पहला मामला नहीं बताया जा रहा है। पार्टी के गठन के बाद से ही वह कई बार देश की अदालतों को लेकर तीखे बयान देते रहे हैं।

हालिया पोस्ट में भी उन्होंने किसी न्यायाधीश का नाम लिए बिना जवाबदेही की मांग उठाई है। हालांकि, जजों के खिलाफ लगाए गए उनके आरोप उनके अपने बयान हैं। इन आरोपों को लेकर किसी न्यायाधीश के दोषी होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। अब इस मामले में होने वाले कार्यक्रम और उसमें रखे जाने वाले विचारों पर लोगों की नजर रहेगी।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Read More Articles

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)