होम वेनेजुएला जैसा होगा हाल, अगला हमला बहुत भयानक होगा, ट्रंप ने इस मुस्लिम देश को दी धमकी
दुनिया अभी एक युद्ध से उभरी भी नहीं थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और मोर्चे पर जंग की आहट तेज कर दी है. बुधवार (28 जनवरी 2026) को ट्रंप ने ईरान को अब तक की सबसे गंभीर चेतावनी दी है.
वाशिंगटन: दुनिया अभी एक युद्ध से उभरी भी नहीं थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और मोर्चे पर जंग की आहट तेज कर दी है. बुधवार (28 जनवरी 2026) को ट्रंप ने ईरान को अब तक की सबसे गंभीर चेतावनी दी है. उन्होंने ऐलान किया है कि अमेरिकी नौसेना का एक विशाल बेड़ा ईरान की तरफ कूच कर चुका है, जो वेनेजुएला भेजे गए बेड़े से भी कहीं ज्यादा ताकतवर है. ट्रंप ने तेवर दिखाते हुए उम्मीद जताई है कि ईरान अब अक्ल से काम लेगा और जल्द ही बातचीत की मेज पर आएगा, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे.
'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' की दिलाई याद, कहा- वक्त बीत रहा है
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट के जरिए ईरान को थर्रा देने वाली चेतावनी दी. उन्होंने लिखा, 'ईरान की ओर जो विशाल बेड़ा बढ़ रहा है उसका नेतृत्व एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन कर रहा है. वेनेजुएला में की गई कार्रवाई की तरह यह बेड़ा जरूरत पड़ने पर तबाही के साथ अपने मिशन को पूरा करने में सक्षम है.' ट्रंप ने पुराने जख्मों को कुरेदते हुए कहा, 'उम्मीद है कि जल्द ही ईरान के साथ ऐसा समझौता होगा, जो सभी पक्षों के लिए अच्छा हो. वक्त तेजी से बीत रहा है. मैंने ईरान से पहले भी डील करने को कहा था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और फिर ऑपरेशन मिडनाइट हैमर हुआ. इसमें ईरान बुरी तरह तबाह हो गया. अगला हमला इससे कहीं ज्यादा भयानक होगा. ईरान दोबारा ऐसा न होने दे.'
ईरान का पलटवार- 'हम बातचीत नहीं, जंग के लिए भी तैयार हैं'
ट्रंप की इस धमकी के बाद तेहरान ने भी अपने तेवर तीखे कर लिए हैं. ईरान के उप विदेश मंत्री ने साफ कर दिया है कि वॉशिंगटन के साथ फिलहाल कोई सीधी बातचीत नहीं चल रही है, बस संदेश इधर-उधर हो रहे हैं. उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा, 'अगर हम अमेरिका के साथ बातचीत के लिए बैठते भी हैं तो इसका मतलब ये नहीं कि हम युद्ध के लिए तैयार नहीं हैं. अमेरिकी हमले का उचित जवाब दिया जाएगा. हमारी प्राथमिकता वॉशिंगटन के साथ बातचीत नहीं, बल्कि अपने देश की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार रहना है.'
संपर्क टूटा, प्रदर्शनकारियों पर भी तनातनी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने स्पष्ट किया कि हाल के दिनों में अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से उनका कोई संपर्क नहीं हुआ है और न ही उन्होंने बातचीत की पहल की है. बता दें कि परमाणु हथियारों के अलावा ट्रंप ने ईरान को वहां हो रहे प्रदर्शनों को लेकर भी घेरा है. उन्होंने बार-बार धमकी दी है कि अगर ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों को मारना बंद नहीं किया, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा और हस्तक्षेप करेगा.
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