होम हिंदू राष्ट्र की मांग लेकर पहुंचे लोग, धीरेंद्र शास्त्री ने पूछा- जान की बाजी को तैयार हो, फिर क्या हुआ?
हिंदू राष्ट्र की मांग लेकर पहुंचे लोग, धीरेंद्र शास्त्री ने पूछा- जान की बाजी को तैयार हो, फिर क्या हुआ?
अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र को लेकर एक ताजा बयान दिया है। दरअसल, मध्य प्रदेश के निवाड़ी में दिव्य दरबार लगा था।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी अर्जियों के साथ पहुंचे थे। इस दौरान कुछ श्रद्धालु हाथ में पोस्टर बैनर लिए भी दरबार में पहुंच गए। बैनर पर लिखा था, भारत हिंदू राष्ट्र घोषित हो। दरबार के प्रांगण में तिरंगा भी दिखा जिसके बीचों बीच लिखा था... हिंदू राष्ट्र। बागेश्वर पीठाधीश्वर को मंच पर देख हाथों में हिंदू राष्ट्र के पोस्टर लिए श्रद्धालु हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। इस वाकए से पूरा माहौल गर्म हो गया।
मंच पर मौजूद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा- आप लोग तो बैनर लेकर आ गए। क्या चाहते हो... हिंदू राष्ट्र चाहते हो... फिर तो घर से बाहर निकलना पड़ेगा, जान की बाजी लगानी पड़ेगी और ठठरी भी बारनी पड़ेगी। क्या इसके लिए तैयार हो। यदि इन सबके लिए तैयार हो तो बोलो- भारत हिंदू राष्ट्र की जय हो। इसके बाद माहौल धीरे-धीरे शांत हो गया।
निवाड़ी में बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मंच से सनातन धर्म पर टिप्पणी करने वालों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मेरे आने के बाद कई तांत्रिक और चमत्कार करने वालों की दुकानें बंद हो गई हैं। हम सनातन को टारगेट करने वाले लोगों के मुंह पर तमाचा मारने के लिए और धर्म का झंडा गाड़ने के लिए दरबार लगाते हैं। इन लोगों को डर है कि यदि यह आदमी दो चार साल और झंडा लिए काम करता रहा तो भारत हिंदू राष्ट्र बन जाएगा।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जो हमारा विरोध कर रहे हैं उनसे परेशान ना हुआ करो। उनसे कह दिया करो सेम टू यू। उनकी जलन बरकरार रहने दो हमारा जलवा बरकरार रहेगा। लोग इसलिए जल रहे क्योंकि उनको डर है कि यह आदमी इसी तरह काम करता रहा तो भारत हिंदू राष्ट्र बन जाएगा। मेरे दरबार लगाने से तांत्रिकों की दुकान बंद हो गई हैं। जो भभूति देकर छोटे-छोटे चमत्कार दिखाते थे वह भी हमने बंद करा दिए हैं।
धीरेंद्र ने कहा- सनातन का झंडा गाड़ने के लिए बागेश्वर धाम का दरबार लगाया जाता है। जो सनातन धर्म को पाखंड कहते हैं, ऐसे लोगों के मुंह पर तमाचा मारने के लिए दिव्य दरबार लगता है। बड़े-बड़े बुद्धिमान, बड़े-बड़े तांत्रिक, बड़े-बड़े वैज्ञानिक बागेश्वर धाम पर खोज करने के लिए आए हैं, आ रहे हैं और आते रहेंगे। ऐसे लोगों की ठठरी बरे, आगे भी बरत रहे। हम जब तक जीएंगे तब तक बारते रहेंगे।
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