होम मोहन यादव के समर्थन पर घिरे अखिलेश यादव! AIMIM ने साधा निशाना, बोली- यादवों के लिए आवाज, मुसलमानों के मुद्दों पर खामोशी
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के समर्थन में दिए गए बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। अब विपक्षी दलों के साथ-साथ ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने भी अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के समर्थन में दिए गए बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। अब विपक्षी दलों के साथ-साथ ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने भी अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। AIMIM के प्रवक्ता शादाब चौहान ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव जातीय आधार पर समर्थन कर रहे हैं, जबकि मुस्लिम समुदाय से जुड़े मुद्दों पर उनकी भूमिका सक्रिय नहीं दिखाई देती।
AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने कहा कि जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगे, तब अखिलेश यादव तुरंत उनके समर्थन में सामने आ गए। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के नेता होने के नाते अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री से सवाल पूछने चाहिए थे, लेकिन इसके बजाय उन्होंने समर्थन का रास्ता चुना।
शादाब चौहान ने आरोप लगाया कि जब मुस्लिम समुदाय से जुड़े मुद्दे सामने आते हैं, तब समाजवादी पार्टी का नेतृत्व उतनी मुखरता नहीं दिखाता।
AIMIM नेता ने कहा कि वक्फ कानून, वंदेमातरम् विवाद, कुरैशी समाज के कारोबार और बुनकर समुदाय से जुड़े मुद्दों पर अखिलेश यादव खुलकर आवाज नहीं उठाते। उन्होंने कहा कि जब भी यादव समुदाय से जुड़ा कोई विषय सामने आता है, तब समाजवादी पार्टी नेतृत्व सक्रिय दिखाई देता है।
उन्होंने कथावाचक विवाद और मोहन यादव के समर्थन जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में सपा नेतृत्व तुरंत प्रतिक्रिया देता है।
शादाब चौहान ने समाजवादी पार्टी पर मुस्लिम वोटों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय से डर और राजनीतिक ध्रुवीकरण के जरिए मुस्लिम समुदाय का समर्थन हासिल किया जाता रहा है।
उन्होंने दावा किया कि अब मुस्लिम समाज राजनीतिक रूप से अधिक जागरूक हो चुका है और भविष्य में अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर नए विकल्पों पर विचार करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की राजनीति की बात की जाती है, तो नेतृत्व और सत्ता में भी सभी वर्गों को समान भागीदारी मिलनी चाहिए।
AIMIM प्रवक्ता ने अखिलेश यादव पर सॉफ्ट हिंदुत्व की राजनीति अपनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी नेतृत्व धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर लगातार सक्रिय दिखाई देता है, लेकिन मुस्लिम समुदाय से जुड़े विषयों पर उतनी स्पष्टता नहीं दिखती।
शादाब चौहान ने दावा किया कि यदि उनकी आलोचना गलत है तो समाजवादी पार्टी को अपने संगठन और नेतृत्व में मुस्लिम तथा दलित चेहरों को प्रमुखता देकर इसका जवाब देना चाहिए।
मोहन यादव के समर्थन को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस का विषय बन गया है। AIMIM और समाजवादी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश की चुनावी राजनीति और विपक्षी दलों के समीकरणों पर भी असर डाल सकता है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।