होम बंगाल में 4000 EVM जलने पर भड़के इमरान मसूद, बोले- अगर आज नहीं जागे तो लोकतंत्र को बड़ा खतरा
पश्चिम बंगाल में आग की घटना में हजारों ईवीएम (EVM) के नष्ट होने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
पश्चिम बंगाल में आग की घटना में हजारों ईवीएम (EVM) के नष्ट होने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि देश में संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश हो रही है और विपक्षी दलों को निशाना बनाया जा रहा है।
कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने पश्चिम बंगाल में करीब 4,000 ईवीएम के जलकर नष्ट होने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब चुनाव परिणामों को लेकर सवाल उठने लगे तो ईवीएम जलने की घटना सामने आ गई।
उन्होंने कहा, "अगर हम आज नहीं जागे, तो यह कभी नहीं रुकने वाला है. पश्चिम बंगाल में ईवीएम जल गईं. चूकि सवाल खड़ा हुआ था कि जिस गांव के अंदर 97 फीसदी मुस्लिम वोट थे, वहां 90 फीसदी वोट बीजेपी को मिल गया. सवाल खड़ा ही हुआ था कि 4000 ईवीएम जला दी गईं."
इमरान मसूद ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक राजनीतिक दलों और विपक्षी आवाजों पर दबाव बनाने का माहौल बनाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक हैं और यदि समय रहते सवाल नहीं उठाए गए तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
कांग्रेस नेता ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) से जुड़े विवादों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं।
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, "नीट परीक्षा में घोटाला हुआ, पूरे शिक्षा मंत्रालय में आग लग गई. जो कुछ घटित हो रहा है, उससे पता चल रहा है कि देश तानाशाही की ओर बढ़ रहा है. देश के सभी सिस्टम को पंगु बनाने की तैयारी की जा रही है."
दरअसल, 10 जून को कोलकाता के अलीपुर इलाके में स्थित एक नौ मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई थी। इस भवन में कई सरकारी कार्यालय संचालित होते थे, जिनमें दक्षिण 24 परगना जिला परिषद का कार्यालय भी शामिल था।
आग की घटना के बाद राज्य के अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विभाग के मंत्री ने जानकारी दी थी कि आग में लगभग 4,000 ईवीएम जलकर नष्ट हो गईं। बताया गया कि इन मशीनों का उपयोग राज्य के 10 निर्वाचन क्षेत्रों में हुए चुनावों के दौरान किया गया था।
ईवीएम के नष्ट होने की घटना के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। विपक्षी दल जहां इस मामले में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, वहीं घटना के कारणों की जांच भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
फिलहाल संबंधित एजेंसियां आग लगने के कारणों की जांच कर रही हैं और इस मामले को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज होती जा रही है।
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