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यूपी विधानसभा बजट सत्र : छुट्टा जानवरों के मुद्दे पर सपा का धरना, मनोज पांडेय ने उठाया मुद्दा
यूपी विधानसभा में गुरुवार को छुट्टा जानवरों के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी ने बहिर्गमन कर दिया। सपा के सचेतक मनोज पाण्डेय ने शून्य प्रहर में छुट्टा जानवरों का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि सरकार छुट्टा जानवरों के लिए वाजिब इंतजाम कर रही है।
इसी बजट में 750 करोड़ रुपये बजट में रखे गए हैं। अगर लोग जानवरों को दूध निकाल कर छुट्टा न छोड़ें तो समस्या का हल आसानी से हो सकता है।
शून्य प्रहर में सपा सदस्य मनोज पाण्डेय ने छुट्टा जानवारों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश में 60 फीसदी किसान हैं और वे छुट्टा जानवरों से परेशान हैं। चाहे गर्मी हो या कड़ाके की ठंड किसानों की रात फसल की निगरानी करने में गुजर रही है। कुछ किसानों ने तो किसानी ही छोड़ दी है। वे पलायन कर पंजाब जाकर मजदूरी करने पर मजबूर हैं। अपने उत्पादन को बचाने के लिए उन्हें युद्ध लड़ना पड़ रहा है। उन्होंने आंकड़ा प्रस्तुत करते हुए कहा कि कहा कि 378 युवाओं की सांड के कारण मोटर साइकिल से दुर्घटना हुई है। इसमें से 109 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इसी मुद्दे पर सपा के अवधेश प्रसाद ने भी दर्जनों मृतकों की सूची पढ़कर सुनाई।
पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि सरकार को इस पर पूरा ध्यान है। गोवंश को बचाने और उनके संवर्धन पर सरकार 1577 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। सरकार ने विभिन्न योजना से 10 लाख 76 हजार संरक्षित किया गया है। सरकार ने 750 करोड़ रुपये बजट में दिए हैं औप सरकार पूरा ध्यान रख रही है। इस सवाल से असंतुष्ट सपा के सचेतक मनोज पाण्डेय ने सदन के बहिर्गमन की घोषणा कर दी और सपा सदस्यों के साथ सदन से बाहर चले गए।
सांड तो दूध देते नहीं
मनोज पाण्डेय ने बहिर्गमन से पहले पशुपालन मंत्री को घेरते हुए कहा कि मंत्री कह रहे हैं कि दूध निकाल कर छोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि सांड तो दूध देते नहीं हैं और सांड़ों की समस्या है। इस पर सदन ठहाकों से गूंज उठा। बाद में भाजपा सदस्यों ने कहा कि मंत्री गोवंश की बात कह रहे हैं।
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