होम जुबान फिसलना भी क्या जुर्म है? पवन खेड़ा की गिरफ्तारी पर दिग्विजय सिंह की चिंता
जुबान फिसलना भी क्या जुर्म है? पवन खेड़ा की गिरफ्तारी पर दिग्विजय सिंह की चिंता
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पार्टी नेता पवन खेड़ा की गिरफ्तारी पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए पूछा है कि क्या जुबान फिसलना भी जुर्म है?
प्रधानमंत्री को लेकर आपत्तिजनक बयान दिए जाने की वजह से गुरुवार को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किए गए खेड़ा का बचाव करते हुए राज्यसभा सांसद ने पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह पर भी निशाना साधा।
अक्सर अपने बयानों की वजह से विवादों में रहने वाले दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर लिखा, 'बेहद शर्मनाक! किस हद तक जाएंगे नरेंद्र मोदी, अमित शाह जी आप? जुबान फिसलना भी क्या जुर्म है?' वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने अपने ट्वीट के साथ पवन खेड़ा की गिरफ्तारी की खबर को भी साझा किया है। इसके बाद वह पार्टी नेताओं की ओर से खेड़ा को लेकर किए गए ट्वीट्स को लगातार रीट्वीट करते रहे।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उनकी कथित टिप्पणी के संबंध में दिल्ली-रायपुर की उड़ान से उतारे जाने के बाद असम पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया। उधर, उच्चतम न्यायालय ने पवन खेड़ा की याचिका पर सुनवाई के बाद उन्हें अंतरिम जमानत प्रदान करते हुए 28 फरवरी तक गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया। साथ ही, न्यायालय ने खेड़ा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों को एक साथ जोड़ने को लेकर असम व उत्तर प्रदेश सरकारों से भी जवाब मांगा। न्यायालय ने याचिका को अगली सुनवाई के लिए 27 फरवरी को सूचीबद्ध करने के आदेश दिए हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने ट्विटर पर कहा, 'हम सभी इंडिगो की रायपुर जाने वाली 6ई 204 उड़ान में थे और अचानक मेरे साथी पवन खेड़ा को विमान से नीचे उतरने के लिए कहा गया।' उन्होंने कहा, 'यह किस तरह की मनमानी है? कोई कानून का शासन है या नहीं? यह किस आधार पर और किसके आदेश पर किया जा रहा है?' कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने खेड़ा को रायपुर जाने वाली उड़ान से नीचे उतारे जाने के बाद सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या भारत 'बनाना रिपब्लिक'बन गया है। उन्होंने कहा कि खेड़ा को विमान से नीचे उतारा जाना निंदनीय है।
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