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अमित शाह को दे चुका है धमकी, कौन है खालिस्तानी नेता अमृतपाल सिंह
खालिस्तान समर्थक और 'वारिस पंजाब दे' का प्रमुख अमृतपाल सिंह के हजारों समर्थक गुरुवार को पंजाब के पुलिसकर्मियों से भिड़ गए। अमृतसर से 25 किमी दूर अजनाला थाने में बैरिकेड्स तोड़कर अमृतपाल के समर्थक अंदर घुस गए और करीबी लवप्रीत की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उसे जल्द रिहा करने की मांग करने लगे।
समर्थकों के हाथों में तलवार, बंदूक समेत कई हथियार थे, जिसके बल पर थाने को काफी देर तक बंधक बनाए रखा। दरअसल, अपहरण और मारपीट के मामले में पुलिस ने अमृतपाल के सहयोगी लवप्रीत को गिरफ्तार किया है।
खालिस्तान समर्थक है अमृतपाल सिंह
अमृतपाल सिंह खालिस्तानी नेता है और वारिस पंजाब दे संगठन का प्रमुख है। इस संगठन को दीप सिद्धू ने बनाया था। पिछले साल फरवरी महीने में दीप सिद्धू की मौत के बाद उसने वारिस पंजाब दे संगठन की कमान संभाली थी। इसके बाद कई भड़काऊ बयान देने के भी आरोप लगे। अमृतसर के जल्लूपुर खेड़ा में साल 1993 में अमृतपाल का जन्म हुआ। वारिस पंजाब दे द्वारा 4 मार्च 2022 को अमृतपाल सिंह को संगठन का नेता घोषित करते हुए एक पत्र प्रकाशित किया गया था। जब सिंह दुबई से पंजाब लौटा तो 29 सितंबर 2022 को जरनैल सिंह भिंडरावाले के पैतृक गांव मोगा के रोडे में एक आधिकारिक उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया।
अमित शाह को धमकी दे चुका है अमृतपाल सिंह
खालिस्तान समर्थक नेता अमृतपाल सिंह ने हाल ही में बेहद भड़काऊ भाषण दिया। उसने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देते हुए कहा कि जो इंदिरा गांधी का हुआ, वही हश्र अमित शाह का होगा। अमृतपाल सोमवार को मोगा जिले के बुधसिंह वाला गांव में पंजाबी सिंगर दीप सिद्धू की बरसी कार्यक्रम में शामिल होने आया था। खालिस्तानी नेता ने लोगों को संबोधित करते कहा था कि पंजाब का बच्चा-बच्चा खालिस्तान की बात करता है। जिसको जो करना है कर ले। हम अपना हक मांगते हैं। हमने इस धरती पर राज किया है।
करीब दो हजार की भीड़ ने कर दिया था थाने पर हमला
कपूरथला में ढिलवां टोल प्लाजा के पास जालंधर-अमृतसर राजमार्ग को अवरुद्ध करने के घंटों बाद पाकिस्तान की सीमा से लगे कस्बे में अनुमानित 2,000 समर्थकों के समूह के बवाल करने के बाद तनाव व्याप्त हो गया। अमृतपाल सिंह ने बुधवार को घोषणा की थी कि वह और उनके समर्थक थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे, जहां उसके करीबियों के खिलाफ 16 फरवरी को मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद अजनाला को एक किले में बदल दिया गया था। सिंह, कुलवंत सिंह रौके, गुरप्रीत सिंह और 20 अन्य अज्ञात व्यक्तियों के साथ धारा 365 (अपहरण), 379-बी (स्नैचिंग), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 506 (आपराधिक धमकी), 148 (दंगे), 149 (गैरकानूनी सभा) आदि के तहत केस दर्ज किया गया है।
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