होम Ram Mandir Donation Row: SIT जांच में बड़ा खुलासा! पैसे के बंटवारे के विवाद से खुली चोरी की परतें, कई बड़े नाम जांच के घेरे में
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। सूत्रों के अनुसार, विशेष जांच दल (SIT) की पड़ताल में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। सूत्रों के अनुसार, विशेष जांच दल (SIT) की पड़ताल में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। जांच एजेंसियां अब संदिग्धों की संपत्तियों, आर्थिक स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की गहन जांच कर रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक SIT की जांच में कई संदिग्धों की आर्थिक स्थिति में अचानक और असामान्य वृद्धि सामने आई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कुछ लोगों की संपत्ति 50 गुना से लेकर 100 गुना तक कैसे बढ़ी। इसी कड़ी में जमीन, प्लॉट, होटल निर्माण और अन्य संदिग्ध संपत्तियों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, टिन्नू यादव और उससे जुड़े 30 से अधिक लोग पुलिस और SIT की निगरानी में हैं। बताया जा रहा है कि कथित तौर पर रकम के बंटवारे को लेकर आपसी विवाद होने के बाद इस पूरे मामले की परतें खुलनी शुरू हुईं, जिसके बाद जांच एजेंसियों को कई अहम सुराग मिले।
सूत्रों के मुताबिक SIT केवल चढ़ावे की कथित चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की भी विस्तृत जांच कर रही है। कंट्रोल रूम प्रभारी, सुरक्षा कर्मियों, PAC और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
जांच में ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल जारी है। सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट से जुड़े बड़े नामों को अभी किसी प्रकार की क्लीन चिट नहीं दी गई है और उनकी भूमिका की विस्तार से जांच की जा रही है।
इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखना शुरू कर दिया है। ट्रस्टी विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामी के अनुसार 11 जुलाई को ट्रस्ट की अगली बैठक आयोजित होगी। उन्होंने कहा, "गलतियों के लिए हम खेद व्यक्त करते हैं, जिसने चोरी की है उसे दंडित जरुर करेंगे."
इससे पहले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंदगिरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे प्राप्त हो चुके हैं। इन इस्तीफों पर अंतिम निर्णय ट्रस्ट की आगामी बैठक में लिया जाएगा।
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने स्पष्ट किया कि चंपत राय से इस्तीफा नहीं मांगा गया था। उनके अनुसार, उन्होंने स्वयं जांच प्रभावित न हो, इसलिए परिस्थितियों को देखते हुए इस्तीफा दिया है।
वहीं RSS के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने भी कहा है कि "जांच जारी है. मामला संवेदनशील है. ऐसे में इसपर सियासत ठीक नहीं है."
जहां बीजेपी, संघ और राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोग इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी से बचने की सलाह दे रहे हैं, वहीं विपक्षी दल लगातार हमलावर बने हुए हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस मामले से करोड़ों रामभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है, जबकि जांच एजेंसियां पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच में जुटी हुई हैं।
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