होम थोड़ी खुशी-थोड़ा गम... सिर्फ 38 दिनों तक ही दिल्ली की मेयर क्यों रह सकेंगी शैली ओबरॉय?
थोड़ी खुशी-थोड़ा गम... सिर्फ 38 दिनों तक ही दिल्ली की मेयर क्यों रह सकेंगी शैली ओबरॉय?
एकीकृत दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के बाद हुए नगर निगम के चुनाव के लगभग डेढ़ महीने बाद 22 फरवरी यानी आज हुए मेयर के चुनाव में आप पार्षद शैली ओबरॉय ने जीत हासिल की। उन्होंने भाजपा की रेखा गुप्ता को हराकर यह जीत हासिल की।
शैली को चुनाव में 150 और भाजपा की रेखा गुप्ता को इस चुनाव में 116 वोट मिले। इससे पहले रजनी अब्बी 2011 में एमसीडी के तीन भागों में विभाजित होने से पहले शीर्ष पद पर निर्वाचित होने वाली अंतिम महिला थीं।
इस तरह से शैली ओबेरॉय 34 वोटों से जीत दर्ज की हैं, लेकिन उन्हें मेयर बनने के लिए 84 दिनों का इंतजार करना पड़ा है। दरअसल, दिल्ली नगर निगम चुनाव के नतीजे 7 दिसंबर को आए थे। इसमें आम आदमी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। आज चौथी बार 84 दिन के बाद सदन की बैठक हुई, जिसमें शैली ओबेरॉय मेयर चुनी गई हैं।
लेकिन इतनी मशक्कत के बाद भी शैली ओबेरॉय केवल 38 दिन तक ही पद पर रहेंगी। दरअसल, एक अप्रैल से 31 मार्च तक के लिए ही मेयर चुन जाता है। डीएमसी एक्ट की धारा दो (67) के अनुसार एमसीडी का वर्ष अप्रैल माह के प्रथम दिन से शुरू होता है। इस तरह अगले साल 31 मार्च को वर्ष समाप्त हो जाता है। इस लिहाज से 22 फरवरी को शैली ओबेरॉय मेयर चुनी गई हैं। इनका कार्यकाल 31 मार्च को खत्म हो जाएगा। ऐसे में वह सिर्फ 38 दिनों तक ही मेयर पद पर रहकर कामकाज कर सकेंगी। इसके बाद दोबारा से एक अप्रैल को मेयर का चुनाव होगा।
दिल्ली की नवनिर्वाचित महापौर शैली ओबेरॉय ने बुधवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाला दिल्ली नगर निगम अगले तीन महीने में लैंडफिल साइट का निरीक्षण करेगा। पदभार ग्रहण करने के कुछ मिनट बाद उन्होंने सदन से कहा, “हमें लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए मिलकर काम करना होगा।” ओबेरॉय ने बुधवार को हुए महापौर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की रेखा गुप्ता को 34 मतों के अंतर से हरा दिया। एमसीडी चुनाव होने के बाद तीन बार महापौर चुनाव कराने के प्रयास हुए थे, लेकिन सफलता नहीं मिली।
चुनाव के बाद अपने कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए ओबेरॉय ने कुछ सवालों के जवाब दिए और फिर दिल्ली के उप महापौर चुनाव के संचालन की अध्यक्षता करने के लिए वापस सदन में चली गईं। 'आप' नेता से जब पूछा गया कि महापौर के तौर पर उनकी प्राथमिकताएं क्या होंगी तो उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों को जो 10 गारंटी दी हैं और जो सपने उन्होंने दिल्ली के लिए देखे हैं, हम उन पर काम करेंगे।”
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