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स्वामी प्रसाद मौर्य क्यों नहीं मान रहे? अखिलेश और शिवपाल के फैसले के बाद इस ट्वीट से उठे सवाल
सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य अब पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के फैसले को भी नहीं मान रहे हैं। सपा की बैठक में हुए धर्म, जाति के मुद्दे पर दूरी के फैसले को अनदेखा कर स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को संस्कृत भाषा में ट्वीट किया।
उन्होंने ट्वीट में राम चरित मानस न लिखते हुए रघुनाथगाथा लिखा है। ऐसे सवाल उठने लगा है कि स्वामी प्रसाद पार्टी के फैसले को नहीं मानेंगे।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को ऑफिसियल ट्विटर हैडल से ट्वीट किया। उन्होंने संस्कृत में लिख कर उसका अनुवाद किया। लिखा कि स्वान्तः सुखाय तुलसी रघुनाथगाथा, भाषानिबन्धमतिमञ्जुलमातनोति। अपने अंतःकरण की खुशी हेतु सुमधुर भाषा में तुलसीदास की रचित रघुनाथगाथा महाकाव्य को धर्म से जोड़कर देश की महिलाओं, आदिवासियों, दलितो व पिछड़ो को अपमानित करने वाले लोग इन वर्गों को सम्मान से वंचित करने का महापाप कर रहे हैं।
आपको बता दें कि रविवार को शिवपाल ने सपा विधायकों की बैठक ली। शिवपाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी विधानसभा में मानस का मुद्दा अपनी ओर से नहीं उठाएगी। सभी विधायकों को हिदायत दी गई है कि वह धार्मिक मुद्दे उठाने से परहेज करें और जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरें।
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