होम फर्जी अकाउंट्स से अडानी की छवि चमकाने की हुई कोशिश...
फर्जी अकाउंट्स से अडानी की छवि चमकाने की हुई कोशिश...
हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद संकट से बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहे अडानी समूह पर अब विकिपीडिया ने हमला बोला है। इनसाइक्लोपीडिया विकिपीडिया ने आरोप लगाया है कि करीब एक दशक से अडानी समूह को लेकर अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बढ़ा-चढ़ाकर लिखा और कहा गया है।
विकिपीडिया ने इसके लिए 'साक पपिट' का भी इस्तेमाल किया है।
दरअसल, 'साक पपिट' इंटरनेट पर सक्रिय ऐसे फर्जी अकाउंट्स को कहते हैं, जो ब्लॉग, फोरम, विकिपीडिया और फेसबुक या ट्विटर जैसे सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर किसी व्यक्ति या मुद्दे के पक्ष में जनमत तैयार करते हैं। विकिपीडिया ने आरोप लगाया है कि इन 'साक पपिट' में कुछ कंपनी के कर्मचारी भी हैं और इन्होंने गैर-तटस्थ सामग्री जोड़ने और सूचना पर विकिपीडिया की चेतावनियों को हटाने का काम किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, 40 से अधिक 'साक पपिट' या अघोषित रूप से पेड राइटर्स ने अडानी परिवार और पारिवारिक व्यवसायों पर 9 लेख लिखे या संशोधित किए। इनमें से कई ने कई लेखों को संपादित किया और गैर-तटस्थ सामग्री को जोड़ा। विकिपीडिया ने कहा कि इन 'साक पपिट' को बाद में प्रतिबंधित या ब्लॉक कर दिया गया।
संकट में अडानी समूह
बता दें कि अडानी की कुल संपत्ति आधार में एक महीने से भी कम समय में 70 अरब डॉलर की कमी हुई है और वह दुनिया के तीसरे सबसे रईस अरबपति से फिसलकर 25वें स्थान पर आ गए हैं। ऐसा अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद हुआ, जिसमें उसने समूह पर खातों में हेराफेरी, शेयर की कीमतों को बढ़ाने के अलावा शेल कंपनियां बनाने जैसे आरोप लगाए थे। हालांकि, अडानी समूह ने इन आरोपों से इनकार किया है और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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