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Alert Star Digital Team
Jan 2, 2026 08:12 PM
यूपी में सुस्त अफसरों की अब खैर नहीं, CM योगी का सख्त आदेश- समय पर खर्च करें बजट, वरना तय होगी जवाबदेही
उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार (2 जनवरी, 2026) को एक अहम बैठक में अफसरों के पेंच कसे। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट की समीक्षा करते हुए सीएम ने साफ कर दिया कि बजट दबाकर बैठने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार (2 जनवरी, 2026) को एक अहम बैठक में अफसरों के पेंच कसे। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट की समीक्षा करते हुए सीएम ने साफ कर दिया कि बजट दबाकर बैठने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक की 5 बड़ी बातें:
- जवाबदेही होगी तय: सीएम ने निर्देश दिया है कि बजट खर्च न कर पाने के लिए हर स्तर पर एक-एक अधिकारी की जिम्मेदारी और जवाबदेही (Accountability) तय की जाए। लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी।
- निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाएं: मुख्यमंत्री ने कहा कि अफसर फाइलें अटकाने के बजाय त्वरित निर्णय (Quick Decision) लेने का सामर्थ्य विकसित करें, ताकि प्रोजेक्ट समय पर पूरे हों।
- दिल्ली दौड़ लगाएं अफसर: जिन योजनाओं का पैसा केंद्र सरकार से आना है, उसके लिए सिर्फ चिट्ठी न लिखें। मंत्री और प्रमुख सचिव दिल्ली जाएं और पैरवी करके बजट जारी करवाएं।
- मंत्रियों को नोटिस: सीएम कार्यालय उन विभागों को चिन्हित करेगा जहां काम धीमा है और वहां के मंत्रियों को सीएम ऑफिस से पत्र जारी किया जाएगा।
- अगले बजट (2026-27) की तैयारी: सीएम ने अभी से अगले साल के बजट की तैयारी शुरू करने और पिछले 5 साल के खर्च का आकलन करने का आदेश दिया है।
वित्त विभाग को निर्देश
सीएम ने वित्त विभाग से कहा कि अगर किसी विभाग का पैसा किसी कारण से रोका गया है, तो उसे तत्काल आवंटित किया जाए। विभागों के मंत्री और अधिकारी आपस में समन्वय (Coordination) बनाकर हर महीने समीक्षा बैठक करें।
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