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समाचारविदेश Alert Star Digital Team Oct 30, 2021 09:13 PM

रूस ने किया दुनिया का सबसे शक्तिशाली परमाणु परीक्षण, 60 KM ऊंचा उठा मशरूम वाला बादल

रूस ने किया दुनिया का सबसे शक्तिशाली परमाणु परीक्षण, 60 KM ऊंचा उठा मशरूम वाला बादल

रूस ने किया दुनिया का सबसे शक्तिशाली परमाणु परीक्षण, 60 KM ऊंचा उठा मशरूम वाला बादल

दुनिया के सबसे विध्वंसक हथियारों में जब भी किसी हथियार की चर्चा होती है, तो उसमें परमाणु बमों (Nuclear Bombs) का नाम सबसे ऊपर होता है. इसके पीछे की वजह भी साफ है, क्योंकि इस हथियार की ताकत दुनिया ने जापान (Japan) के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर हुए परमाणु हमलों के साथ देखी है.

द्वितीय विश्व युद्ध के समय परमाणु हथियारों की रेस शुरू हुई, लेकिन 1945 में जापान पर हुए परमाणु हमले के बाद साल 1961 इस रेस का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु रहा. दरअसल, 30 अक्टूबर 1961 को ‘जार बॉम्बा’ (Tsar Bomba) के जरिए सबसे बड़ा परमाणु परीक्षण किया गया. ये दुनिया का सबसे शक्तिशाली और ताकतवर परमाणु हथियार था.

जापान पर परमाणु हमला करने के बाद हथियारों की रेस में अमेरिका सबसे आगे खड़ा नजर आ रहा था. लेकिन जल्द ही सोवियत यूनियन (Soviet Union) ने उसे टक्कर देना शुरू कर दिया. युद्ध के समय सोवियत यूनियन ने परमाणु हथियारों के निर्माण पर रोक लगाई हुई थी, लेकिन 1945 में सोवियत नेता जोसेफ स्टालिन ने निर्माण को तेज करने का आदेश दिया. सोवियत यूनियन ने 29 अगस्त, 1949 को अपने पहले परमाणु हथियार का सफलतापूर्वक परीक्षण किया. इसके बाद 12 अगस्त 1953 को कजाखिस्तान के सेमीप्लाटिंस्क टेस्ट साइट पर हाइड्रोजन बम का टेस्ट किया. इस तरह इसने अमेरिका को हर क्षेत्र में टक्कर दी.

जब रूस ने की धमाके की तैयारी

वहीं, अमेरिका और रूस के बीच सबसे बड़े परमाणु हथियार को तैयार करने को लेकर रेस शुरू हो चुकी थी और 30 अक्टूबर 1961 की तारीख एक महत्वपूर्ण घटना के तौर पर इतिहास में दर्ज हुई. सोवियत Tu-95 बॉम्बर ने आर्कटिक महासागर में स्थित नोवाया जेम्लया की ओर उड़ान भरी. कैमरा और अन्य जरूरी उपकरणों के साथ कई छोटे विमानों ने भी टेस्ट साइट की ओर उड़ान भरी. लेकिन ये कोई आम परमाणु परीक्षण नहीं था. बल्कि इस बार टेस्टिंग के लिए एक थर्मोन्यूक्लियर बम को ले जाया गया. ये बम इतना बड़ा था कि ये सामान्य इंटिरियर बम बे अंदर फिट नहीं हो सकता था.

हिरोशिमा पर गिराए गए बम से 3,800 गुना ज्यादा थी जार बॉम्बा की ताकत

ये परमाणु हथियार 26 फीट लंबा था और इसका वजन 27 मीट्रिक टन था. इस बम का आधिकारिक नाम izdeliye 602 था, मगर इतिहास में इसे जॉर बॉम्बा के नाम से जाना गया. जार बॉम्बा 57 मेगाटन वाला बम था. एक अनुमान के मुताबिक, ये बम 1945 में हिरोशिमा को नष्ट करने वाले 15 किलोटन परमाणु बम की शक्ति का लगभग 3,800 गुना था. 30 अक्टूबर को इसे एक पैराशूट के जरिए गिराया गया, ताकि इसे गिराने वाला प्लेन और बाकी के विमान विस्फोट वाली जगह से जल्द से जल्द दूर हो जाएं. वहीं, जब विस्फोट हुआ तो, ये इतना शक्तिशाली था कि इसने 35 किलोमीटर के दायरे में सब कुछ तबाह कर दिया. धमाके से एक मशरूम वाला बादल बना, जिसकी ऊंचाई 60 किलोमीटर थी.

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