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समाचारविदेश Alert Star Digital Team Jul 28, 2021 09:22 PM

तालिबान नेता पहुँचे चीन, चीनी विदेश मंत्री ने मुलाक़ात में रखी ये शर्त

तालिबान नेता पहुँचे चीन, चीनी विदेश मंत्री ने मुलाक़ात में रखी ये शर्त

तालिबान नेता पहुँचे चीन, चीनी विदेश मंत्री ने मुलाक़ात में रखी ये शर्त

अफ़ग़ानिस्तान में जारी भारी हिंसा के बीच अफ़ग़ान तालिबान का एक प्रतिनिधिमंडल चीन पहुँचा है.

इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुल्लाह अब्दुल ग़नी बरादर कर रहे हैं. इस प्रतिनिधिमंडल से चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बुधवार को उत्तरी चीन के तिआनजिन में मुलाक़ात की है.

तालिबान प्रतिनिधिमंडल का चीन दौरा तब हुआ है, जब एक दिन पहले ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी चीन के दौरे से लौटे हैं.

पाकिस्तान ने कहा था कि क़ुरैशी की मुलाक़ात चीनी विदेश मंत्री वांग यी से हुई थी और दोनों के बीच अफ़ग़ानिस्तान को लेकर भी बात हुई थी.

चीन के सरकारी प्रसारक सीजीटीएन के अनुसार चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बुधवार को तालिबान प्रतिनिधिमंडल से कहा है कि उसे 'चीन विरोधी' आतंकवादी संगठन ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट से संबंध तोड़ने होंगे.

चीनी विदेश मंत्रालय ने तालिबान नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से कहा है, ''पूर्वी तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट एक आतंकवादी समूह है. इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी माना है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ज़िम्मेदारी है कि वो इस आतंकवादी संगठन से मिलकर लड़े. चीन उम्मीद करता है कि तालिबान इस संगठन से संबंध ख़त्म करेगा.''

द हिन्दू के पत्रकार और चीन पर किताब लिख चुके अनंत कृष्णन ने वांग यी और तालिबान नेताओं की मुलाक़ात को लेकर ट्वीट कर कहा है, ''चीन के विदेश मंत्री ने मुलाक़ात में साफ़ कह दिया है कि तालिबान और आतंकवादी संगठनों के बीच साफ़ लक़ीर होनी चाहिए. तालिबान ने कहा है कि वो अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन से चीन को कोई नुक़सान नहीं होने देगा.''

द विल्सन सेंटर के रिसर्चर माइकल कुगेलमैन ने इस मुलाक़ात को लेकर अपने ट्वीट में कहा है, ''चीन में तालिबानी प्रतिनिधिमंडल का पहुँचना भारत के लिए एक चुनौती है. भारत को अफ़ग़ानिस्तान में राजनयिक पहल करने ज़रूरत है. भारत का एक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पहले से ही इस खेल में है और चीन भी इसमें शामिल होने जा रहा है.''

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, वांग यी ने ये भी कहा है कि वह उम्मीद करते हैं कि तालिबान युद्ध ख़त्म करने, शांतिपूर्ण समझौते तक पहुँचने और अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निर्माण में एक अहम भूमिका निभाएगा.

ये मुलाक़ात एक ऐसे समय पर हो रही है जब अफ़ग़ानिस्तान सरकार और तालिबान के बीच हिंसक संघर्ष अपने चरम पर है.

तालिबान लड़ाके अफ़ग़ानिस्तान की पाकिस्तान सीमा पर स्थित स्पिन बोल्डाक क्षेत्र से लेकर ईरान सीमा तक पहुंच चुके हैं.

और स्पिन बोल्डाक से लेकर तमाम दूसरी जगहों पर अफ़ग़ान सेना, पुलिस, स्पेशल कमांडो समेत कई दूसरे सुरक्षाबलों का तालिबान से सीधा मुक़ाबला हो रहा है.

कुछ दिनों पहले पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ़ यहां तक कह चुके हैं कि "अफ़ग़ानिस्तान में मौजूदा हालात बेहद ख़राब हैं और पाकिस्तान के नियंत्रण से बाहर हो गए हैं."

इस सबके बीच में तालिबान का प्रतिनिधिमंडल रूस और ईरान के बाद बुधवार को चीन पहुँचा है, जहां उसकी मुलाक़ात चीनी विदेश मंत्री वांग यी से हुई.

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