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भारत मां के सच्चे सपूत पं0 राम प्रसाद, विस्मिल आज के दिन ही जन्मे थे: सांस्कृति एवं पर्यटन मंत्री
शाहजहाँपुर। (संजीव सक्सेना) भारत के अमृत महोत्सव में ऐसी धरती को नमन न किया जाए तो शायद कही न कही एक चूक होगी। भरतीय स्वाधीनता संघर्ष के इतिहास में जिला शाहजहाँपुर का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। काकोरी काण्ड के अमर शहीद पं0 राम प्रसाद विस्मिल, अशॅाफक उल्ला खाँ, ठाकुर रोशन सिंह आदि ने देश में क्रान्ति की ऐसी अलख जगाई कि अंग्रेजो के छक्के छूट गये। भारत मां के सच्चे सपूत पं0 राम प्रसाद, विस्मिल आज के दिन ही जन्मे थे। यह बात भारत सरकार के सांस्कृति एवं पर्यटन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रहलाद सिंह पटेल ने शहीद उद्यान पार्क में आयोजित आजादी का अमृत महोत्सव के दौरा कहीं। इससे पूर्व उन्होंने उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संस्कृति, पर्यटन, प्रोटोकाॅल एवं धर्मार्थ कार्य विभाग नीलकंठ तिवारी एवं राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग, कपिल देव अग्रवाल जी के साथ संयुक्त रूप से शहीद उद्यान पार्क में अमर शहीद पं0 राम प्रसाद विस्मिल जी के जन्म दिवस के अवसर पर अमर शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा है कि देश के प्रधान मंत्री जी अमृत महोत्सव मनाएं जाने का निर्णय इसलिए लिया कि अमृत महोत्सव कार्यक्रम के माध्यम से अमर शहीदों को याद किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद शाहजहाँपुर विस्मिल जी की जन्म भूमि नही, यह उनकी कर्म भूमि है। अशफाक उल्ला खाँ और ठाकुर रोशन सिंह जी की जन्म भूमि और उनकी कर्म भूमि भी है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी से पूछां जाए कि विस्मिल जी का शव त्यागने की जगह कहां है तो जबाव कम ही मिलेगा। दो महापुरूषों का जन्म चन्द्रशेखर आजा़द एवं पं0 राम प्रसाद विस्मिल जी का जन्म मध्य प्रदेश मंे हुआ किन्तु उनका कर्म क्षेत्र उत्तर प्रदेश रहा। उन्होंने कहा कि राम प्रसाद बिस्म्लि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की क्रान्तिकारी धारा के एक प्रमुख सेनानी थे, जिन्हें 30 वर्ष की आयु में ब्रिटिश सरकार ने फांसी दे दी। वे मैनपुरी षडयन्त्र व काकोरी काण्ड जैसी कई घटनाओं में शामिल थें। उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संस्कृति, पर्यटन, प्रोटोकाॅल एवं धर्मार्थ कार्य विभाग श्री नीलकंठ तिवारी ने कहा कि ऐसे कम ही उदाहरण मिलते है जो साहित्यकार एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहा हो उनमे अमर शहीद पं0 राम प्रासद बिस्मिल एक है। पं0 राम प्रसाद बिस्मिल जी ने 30 वर्ष की उर्म में ही अपने प्रारणों को देश के लिए न्योछावर कर दिया। उन्होंने अमृत महोत्सव के सफल आयोजन की शुभकामनाएं दी और कहा कि यह आयोजन पूरे देश में एक संदेश लेकर जाएगा। सांसद अरुण सागर ने महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अमृत महोत्सव का मनाया जाना एक बहुत ही सराहनीय कदम है हमारी आने वाली पीढ़ी को इसके माध्यम से महान क्रांतिकारियों की बातों की जानकारी लगती है। शाहजहांपुर शहीदों की नगरी है यहां पर पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खान जैसे लोगों ने अपनी कर्मभूमि बनाया। सांसद अरुण सागर ने भारत सरकार के सांस्कृति एवं पर्यटन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रहलाद सिंह पटेल, उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संस्कृति, पर्यटन, प्रोटोकाॅल एवं धर्मार्थ कार्य विभाग नीलकंठ तिवारी, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग, कपिल देव अग्रवाल के साथ तीनों वीर सपूतों की मूर्ति पर माल्यार्पण किया तथा पंडित राम प्रसाद बिस्मिल महान क्रांतिकारी के मकान पर भी गए। अमर शहीद पं0 राम प्रसाद बिस्मिल जी के परिवारजनों से मुलाकात की तथा अमर शहीद अशफाक उल्ला खां की मजार पर जाकर चादर पोशी की। उन्होंने निर्माणाधीन संग्राहलय का निरीक्षण किया तथा सम्बन्धित अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर सांसद अरूण कुमार सागर, जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक एस आनन्द, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रेरणा शर्मा आदि उपस्थित रहें।
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