होम इस राज्य में पड़ा वैक्सीन का टोटा, 45 वर्ष से अधिक आयु के लोग लौट रहे वैक्सीन सेंटर से बेरंग
इस राज्य में पड़ा वैक्सीन का टोटा, 45 वर्ष से अधिक आयु के लोग लौट रहे वैक्सीन सेंटर से बेरंग
जयपुर: एक तरफ राजस्थान में हर रोज 17 हज़ार से भी ज्यादा कोरोना के नए संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, वहीँ ज्यादातर वैक्सीनेशन सेंटरों पर वैक्सीन लगने की बजाय उलटा अब 'नो वेक्सिन' का बोर्ड नज़र आ रहा है। सबसे जायदा परेशानी 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए चल रहे टीकाकरण को हैं क्यों की दुसरे डोज़ के इंतजार में लोकडाउन के दौरान बड़ी ही परेशानी झेलकर बाहर निकलने वाले लोगों को भी वैक्सीन सेंटरों से बेरंग ही लौटना पड़ रहा है। इनके लिए जो 3 लाख डोज़ ही 24 घंटे पहले बचे हुवे थे उन्हें भी मंगलवा रको लगा दिया गया और यदि अब वैक्सीन आती है तो की बुधवा रको इनके टीकाकरण का काम फिर से शुरू हो पायेगा ।
राजस्थान में कोरोना मामलों की संख्या चरम सीमा को भी पार कर रही है दूसरी तरफ वैक्सीनेशन का काम इसलिए ठप्प पड़ रहा है क्योंकि राज्य को वैक्सीन वक़्त पर मिल ही नहीं पा रही है । नतीजा इन दिनों वैक्सीन सेंटर पर जहाँ लोगों की भीड़ नार आ रही ही अब वहां सन्नाटे के साथ आज वैक्सीन नहीं होगा अक बोर्ड लगा है । राजस्थान के ज्यादातर सेंटरों पर वैक्सीन की सप्लाई में हो रही देरी के कारण इसी अत्राह का नोटिस चिपका मिल रहा है और सबसे ज्यादा परेशानी 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को हो रही है जो की अपना दुरा डोज़ लगवाने के लिए आ रहे हैं ।
हालाँकि 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए सरकार खुद अधिक दाम देकर सीरम इंस्टीट्यूट से अपने 3000 करोड़ रूपये की रकम चूकाकर वैक्सिन खरीद रही है तो धीरे धीरे इसकी सप्लाई सही भी मिल रही है, लेकिन 45 साल से अधिक की आयु वालों को लगने वाली वैक्सिन केंद्र सरकार की तरफ से आनी है ।
राजस्थान में करीब करीब पौने तीन करोड़ लोग 45 साल से अधिक उम्र के हैं और 3 करोड़ 25 लाख लोग 18 से 45 साल तक की अधिक उम्र के है । वैक्सीन की कमी के चलते जहाँ राजस्थान के 33 जिलों में से केवल 11 जिलों में ही 18 साल से अधिक उम्र के लोगोंका वैक्सीनेशन शुरू हुवा हैं वहीँ 45 साल से अधिक उम्र वाले लोग अपनी दूसरी डोज़ लगवाने के लिए के लिए परेशान हो रहे हैं ।
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