होम सरकार केवल बेचना जानती है बनाना नहीं, निजीकरण से जनता का भारी नुकसान- राहुल गांधी
सरकार केवल बेचना जानती है बनाना नहीं, निजीकरण से जनता का भारी नुकसान- राहुल गांधी
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू और हैदराबाद हवाई अड्डों में अपनी बची हिस्सेदारी बेचने की सरकार की योजना को लेकर सोमवार को उस पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि निजीकरण से जनता के हितों का नुकसान होता है और कुछ उद्योगपतियों को फायदा होता है.
उन्होंने ट्वीट किया, ''बनाना नहीं, सिर्फ़ बेचना जानता है. निजीकरण से जनता के हितों का नुकसान होता है और कुछ उद्योगपतियों को फायदा होता है'' खबरों के मुताबिक, सरकार ने दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू और हैदराबाद हवाई अड्डों में अपनी बची हिस्सेदारी बेचने की योजना तैयार की है.
2.5 लाख करोड़ रुपए जुटाने की योजना तैयार
सरकार ने संपत्तियों की बिक्री कर 2.5 लाख करोड़ रुपये जुटाने की योजना तैयार की है. इसी के तहत इन हवाईअड्डों में सरकार अपनी शेष हिस्सेदारी भी बेचना चाह रही है. ये हवाईअड्डे पहले से निजीकृत हैं. हालांकि इनमें विमान पत्तन प्राधिकरण के माध्यम से सरकार की कुछ हिस्सेदारी अभी बची है.
जानकारी के मुताबिक, मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में अडाणी समूह की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी है, शेष 26 प्रतिशत हिस्सेदारी एएआई के पास है. दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में जीएमआर समूह के पास 54 प्रतिशत, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के पास 26 प्रतिशत, जबकि फ्रापोर्ट एजी एरमान मलेशिया के पास 10 प्रतिशत हिस्सेदारी है. एएआई के पास आंध्र प्रदेश सरकार के साथ हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड में 26 प्रतिशत और कर्नाटक सरकार के साथ बैंगलोर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में भी 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है.
पिछले महीने जब राहुल गांधी दिन दिवसीय दौरे पर तमिलनाडु गए थे, उस समय उन्होंने यह कहा था कि लोकतंत्र खत्म हो चुका है. उन्होंने कहा था- इन सभी संस्थाओं पर देश टिका है, लेकिन पिछले छह सालों से उन सभी संस्थाओं पर व्यवस्थित तरीके से हमले किए जा रहे हैं. उन्होंने इसके आगे कहा था कि आरएसएस की इस कार्यशैली से देश का संतुलन खत्म हो रहा है.
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