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कोविड-19 का सबसे खराब दौर खत्म होता नजर आ रहा : उपराष्ट्रपति नायडू
उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने कोरोनावायरस के खिलाफ भारत में चलाए जा रहे दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का जिक्र करते हुए रविवार को कहा कि महामारी का सबसे बुरा दौर खत्म होता नजर आ रहा है. हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इस दिग्गज नेता ने लोगों को सतर्क रहने के लिए आगाह करते हुए कहा कि जब तक हम निर्णायक रूप से वायरस को नहीं हरा देते, तब तक हमें सभी जरूरी सावधानी बरतनी होंगी. नायडू की यह टिप्पणी तब आई है, जब देश में 16 जनवरी से शुरू हुए टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 2,09,22,344 वैक्सीन डोज दिए जा चुके हैं.
बता दें कि तीसरे चरण का टीकाकरण सोमवार से शुरू हुआ है, जिसमें उन 27 करोड़ लोगों का टीकाकरण होना है जिनकी उम्र 60 से ऊपर है. साथ ही वे लोग जिनकी उम्र 45 साल से ऊपर है वे किसी जटिल बीमारी से ग्रसित हैं. इन लोगों के टीकाकरण के लिए 10,000 सरकारी 20,000 से ज्यादा निजी टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं. वहीं रविवार तक देश में मामलों की संख्या बढ़कर 1,12,10,799 मरने वालों की संख्या 1,57,756 हो गई है.
राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज (फरीदाबाद) के पहले स्नातक दिवस समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि इस महामारी के वैश्विक महामारी से लड़ने में लचीलेपन, अनुसंधान रीइन्वेंशन ने भारत की मदद की. साथ ही उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण समय में तकनीकी समाधान खोजने के लिए शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों डॉक्टरों के अथक प्रयासों की सराहना की. इसके अलावा उन्होंने पीपीई किट, सर्जिकल ग्लब्स, फेस मास्क, वेंटिलेटर टीके जैसी जरूरी चीजों की मैन्यूफेक्च रिंग के लिए भारतीय उद्योग की सराहना की.
आपको बता दें कि इसके पहले उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू भी कोरोना वायरस संक्रमण का शिकार हो चुके थे. सितंबर में सचिवालय ने इस बात की जानकारी दी थी कि नायडू (71) में संक्रमण के लक्षण नहीं हैं उनकी तबीयत ठीक है. सचिवालय ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी थी कि उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू कोरोना वायरस से संक्रमित हैं. नायडू को घर में पृथक-वास में रहने की सलाह दी गई है. नायडू ने उस समय निजी क्षेत्र से ग्रामीण इलाकों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं विकसित करने का आह्वान किया था.
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