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उत्तरप्रदेश के 82000 गांवों में शुरू हुई स्वामित्व योजना, CM योगी आज बांटेंगे घरौनी प्रमाण पत्र
लखनऊः उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज स्वामित्व योजना के तहत घरौनी प्रमाण पत्र बांटने की शुरूआत करेंगे. इसके योजना तहत उत्तरप्रदेश के लगभग 82000 गांवों को शामिल किया गया है. पांच कालिदाल मार्ग पर आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम योगी आज कुछ लोगों को आवासिय डिजिटल प्रमाण पत्र सौपेंगे. इसके तुरंत बाद राजस्व विभाग के अधिकारी 11 जिलों के 1001 गांवो के लगभग 1,57,244 को घरौनी बांटेंगे.
ड्रोन के जरिए हो रहा है सर्वे
स्वामित्व योजना के तहत प्रत्येक गांव के 20-20 घरों को मिलाकर सर्वे शुरू किया जा चुका है. सर्वे ऑफ इंडिया 40 ड्रोन के जरिए इन गांवो में वास्तविक ग्रामीण आबादी में मौजूद उनके घरों, आस-पास के क्षेत्रफलों आदि का सर्वे कर रहा है. गांव में घरों के मालिकों के नाम से उनकी सूची बनाई जा रही है. सभी खातेदारों की आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद अंतिम रूप से मालिकाना हक घोषित किया जाएगा.
रेवेन्यू विभाग के पास होता है रिकॉर्ड
ग्रामीण आबादी के लोगों के घरों की नम्बरिंग की जाएगी. इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि पट्टीदारों के बीच विवाद समाप्त होते ही और घरों का मालिकाना हक मिलते ही वे लोन के लिए भी अप्लाइ कर पाएंगे. गांवो की कृषि भूमि, बंजर,ग्रामसभा आदि का ब्यौरा रेवेन्यू विभाग के पास होता है. गौरतलब है कि कृषि भूमि दिखाने के लिए खसरा खतौनी बनाई जाती है, लेकिन आबादी के पास घर पर मालिकाना हक दिखाने के लिए कोई प्रमाण पत्र नहीं होता है.
ग्रामीण लोगों को लोन मिलना होगा आसान
इससे परेशानियां बढ़ जाती है और घरों का बंटवारा होने के बाद भी ये विवाद समाप्त नहीं होते हैं. इससे अदालती मुकदमें बढ़ते है. इतना ही नहीं गांव के घरों की तो कोई यूनिक आईडी भी नहीं होती है और वे लोन का फायदा नहीं उठा पाते है. इस योजना के तहत उन्हें मालिकाना हक मिलेगा और आगे चलकर वे लोन के लिए भी अप्लाइ कर सकते है. अभी घर के कागज होेने के कारण बैंक लोन देने से इंकार कर देते है.
गौरतलब है कि अब तक 11 जिलों के 1001 गांवो के लगभग 1,57,244 को घरौनी बनकर तैयार हो गई है. आज लोगोंं को उनका मालिकाना हक मिल जाएगा. वहीं बुंदेलखंड और अयोध्या के गांवो में अब भी सर्वे जारी है.
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