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कृषि कानून पर सुप्रीम कोर्ट के पैनल ने 8 राज्यों के 12 किसान संगठनों से की वार्ता
नई दिल्ली. केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा बनाए गए पैनल (Panel) ने शुक्रवार कोई किसान संगठनों से बातचीत की है. पैनल ने पश्चिम बंगाल सहित 8 राज्यों के 12 किसान संगठनों से बातचीत कर नए कानून के बारे में उनका विचार जाना. ये पैनल की सातवीं मीटिंग है. पैनल ने अब तक ऑनलाइन और सीधे तौर पर कई किसान संगठनों से बातचीत की है.
सभी पक्षों ने खुलकर कही अपनी बात
एक स्टेटमेंट में पैनल ने कहा है कि उसने किसान संगठनों और फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन्स (FPO) के साथ वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की. 12 किसान संगठन मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के थे. बातचीत में हिस्सा ले रहे सभी पक्षों ने विस्तृत तरीके से अपनी बात रखी है.
आंदोलनरत किसान संगठन कर चुके हैं पैनल का विरोध
गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने 12 जनवरी को अगले आदेश तक विवादास्पद कृषि कानूनों को लागू करने पर रोक लगा दी थीऔर केंद्र तथा दिल्ली की सीमाओं पर कानून को लेकर आंदोलनरत किसान संगठनों के बीच जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया था. हालांकि सुप्रीम कोर्ट के इस पैनल का आंदोलनरत किसान संगठनों की तरफ से विरोध किया गया था. किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा था, 'उच्चतम न्यायालय की तरफ से गठित समिति के सदस्य विश्वसनीय नहीं हैं क्योंकि वे लिखते रहे हैं कि कृषि कानून किसानों के हित में है. हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे.'
किसान नेताओं ने कहा था कि संगठनों ने कभी मांग नहीं की कि उच्चतम न्यायालय कानून पर जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए पैनल का गठन करे और आरोप लगाया कि इसके पीछे केंद्र सरकार का हाथ है. उन्होंने कहा, 'हम सिद्धांत तौर पर समिति के खिलाफ हैं. प्रदर्शन से ध्यान भटकाने के लिए यह सरकार का तरीका है. '
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