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किसी दामाद के लिए नहीं मुद्रा योजना : सीतारमण
नई दिल्ली। राज्यसभा में बजट सत्र के पहले चरण के अंतिम दिन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पर हुई चर्चा को लेकर सदन में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 2014 में सरकार में आने के बाद हमने मनरेगा की कमियों को दूर किया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2021-2022 को लेकर राज्यसभा में हुई चर्चा का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत के लिए है। सरकार हर वर्ग के लिए काम कर रही है। सांठगांठ वाले पूंजीवाद का आरोप लगाना बेबुनियाद है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 27,000 करोड़ रुपये का ऋण आवंटित किया गया। यह सब गरीबों के लिए था, ना कि किसी 'दामाद के लिए। उन्होंने कहा कि यूपीआई भुगतान को बढ़ावा किसी दामाद के लाभ के लिए नहीं दिया गया। इससे पहले वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कृषि कानून को लेकर विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने पूछा कि दिखाएं कहां लिखा है कि नए कानून से मंडी और एमएसपी खत्म हो जाएगी। वहीं राज्यसभा में चर्चा के दौरान टीएमसी सांसद दिनेश त्रिवेदी ने पार्टी से अपने इस्तीफे की घोषणा की। अब ऊपरी सदन की कार्यवाही आठ मार्च तक के लिए स्थगित हो गई है। आठ मार्च से आठ अप्रैल तक बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत हो। सीतारमण ने पूंजीपतियों के बजट के विपक्ष के आरोप का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार हर वर्ग के लोगों के लिए काम कर रही है। चाहे वह गरीब हों या फिर उद्यमी। हम पर पर सांठगांठ वाले पूंजीवाद का आरोप लगाना बेबुनियाद है। गांवों में सड़कों का निर्माण, सौभाग्य योजना के तहत हर गांव में बिजली, छोटे किसानों के खातों में पैसा डालने जैसी योजनाएं गरीबों के लिये है न कि पूंजीपतियों के लिए।
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