होम जयंत बोले- किसानों के लिए बिछाई कीले BJP के लिए बनेगी राजनीतिक ताबूत
जयंत बोले- किसानों के लिए बिछाई कीले BJP के लिए बनेगी राजनीतिक ताबूत
राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि किसानों को नए कृषि कानूनों को निरस्त करने के सिवा कुछ भी मंजूर नहीं है और कृषकों के खिलाफ सरकार की कठोर रणनीति काम नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि सड़कों पर बिछायी गयी कीलें भाजपा के 'राजनीतिक ताबूत' की कीलें साबित होंगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ किसान पंचायतों में हिस्सा ले चुके और केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ जोर-शोर से अभियान चला रहे चौधरी ने कहा कि सरकार को इन कानूनों को तुरंत वापस लेना चाहिए और किसानों की सहमति के बाद इन्हें तैयार करना चाहिए। राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि देश के मौजूदा नेतृत्व को भावनाओं की परवाह नहीं है और वह दंगे, मौत या प्रदर्शन से व्याकुल नहीं होता, क्योंकि वह अपने दायरे में सिमटा हुआ है।लोगों की नहीं सुनते हैं
पूर्व सांसद ने कहा कि यह अधिनायकवादी शासन है। वे जमीन पर मौजूद अपने राजनीतिक लोगों की भी नहीं सुनते हैं। अगर आप भाजपा के विधायक या सांसद से अनौपचारिक बातचीत करें तो पता चलेगा कि वे खुश नहीं है और वे भारत के लोगों के उठ खड़े होने को महसूस कर रहे हैं जिन्होंने मोदी को वोट किया था। चौधरी ने कहा कि वह किसानों के हर धरना स्थल पर गए हैं, किसानों की पंचायतों को संबोधित किया है और उन्हें लगता है कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के किसानों के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव बन गया है। उन्होंने कहा कि वे एकजुट हो रहे हैं और मुझे नहीं लगता है कि वे जिस चीज के लिए आए हैं उसके सिवा उन्हें कुछ और मंजूर होगा।150 किसानों की हुई मौत
रालोद नेता ने कहा कि किसान अपने गांव छोड़कर आए हैं, उन्होंने कई कठिनाइयों का सामना किया है और करीब 150 किसानों की मौत हो चुकी है और वे सरकार का रुख कड़ा होने के बावजूद लौटना नहीं चाहते। चौधरी ने कहा कि किसानों का रुख स्पष्ट है कि ये कानून उनके लिए नहीं बनाए गए हैं और वे इन्हें स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि कानून बनाना सरकार का विशेषाधिकार है, लेकिन जनता की इच्छा सर्वोपरि होती है। दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन स्थल के आसपास सड़कों पर कीलें लगाए जाने और अवरोधक मजबूत किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ''ये सड़कों पर कील नहीं लगाई गई हैं, ये भाजपा के राजनीतिक ताबूत में कील की तरह हैं।
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