होम जनरल नरवणे को सौंपी एक लाखवीं बुलेट प्रूफ जैकेट
जनरल नरवणे को सौंपी एक लाखवीं बुलेट प्रूफ जैकेट
रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने बुधवार को एक समारोह में एक लाखवीं बुलेट प्रूफ जैकेट थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे को सौंपी। इस अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने दुश्मन से लड़ रहे सैनिकों के बहुमूल्य जीवन की रक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता का सम्मान किया है। उन्होंने सैनिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आश्वासन दिया कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि सैनिकों को सर्वश्रेष्ठ हथियार और सुरक्षा कवच प्रदान किए जाएं और इस तरह की आवश्यकताएं हमेशा सरकार की प्राथमिकता में सबसे ऊपर रहेंगी।
उन्होंने निर्माता कंपनी एसएमपीपी प्राइवेट लिमिटेड को समय से चार महीने पहले एक लाख जैकेट की आपूर्ति के लिए सराहा। रक्षा राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि यह बुलेट प्रूफ जैकेट 'मेक इन इंडिया' के तहत एक स्वदेशी उत्पाद है। यह कंपनी दुनिया भर में इस बुलेट प्रूफ जैकेट का निर्यात भी कर रही है, जिससे सरकार की 'आत्म निर्भर' पहल के अनुरूप भारत ऐसे रक्षा वेयर की आपूर्ति के लिए एक वैश्विक केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि इस जैकेट को हमारे उन सैनिकों ने सराहा है जो सीमाओं पर उग्रवाद का मुकाबला करने में इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। समारोह में रक्षा उत्पादन सचिव राज कुमार, इन्फैंट्री के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल एके सामंतरा, डीजीक्यूएए के जनरल आरके मल्होत्रा और डीजी सीडी लेफ्टिनेंट जनरल एचएस कहलों भी उपस्थित थे।
लंबे वक्त से सैनिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बुलेट प्रूफ जैकेट की मांग होती रही है। आखिरकार रक्षा मंत्रालय ने 9 अप्रैल, 2018 को घोषणा की थी कि वह स्वदेशी रक्षा निर्माता एसएमपीपी प्राइवेट लिमिटेड से 639 करोड़ रुपये की लागत से 1,86,138 बुलेटप्रूफ जैकेट का अधिग्रहण करेगी और तीन साल के भीतर करीब पौने दो लाख बुलेट प्रूफ जैकेट सेना को मिलेगी। यह कंपनी पहले भी भारतीय वायु सेना (आईएएफ), नौसेना कमांडो, अर्धसैनिक बलों जैसे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), केंद्रीय सुरक्षा सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को बुलेटप्रूफ जैकटों की आपूर्ति कर चुकी है। इसके अलावा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और गुजरात, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, जम्मू और कश्मीर, कोलकाता के राज्य पुलिस बलों और दुनिया भर में विभिन्न बलों को भी अपने उत्पाद आपूर्ति किये हैं।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।