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किसानों से बात करें प्रधानमंत्री और तीनों कानूनों को वापस लें: राहुल गांधी
नयी दिल्ली: कांग्रेस ने किसानों के आंदोलन की पृष्ठभूमि में सोमवार को केंद्र सरकार एवं भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसानों से बातचीत करनी चाहिए और तीनों काले कानूनों को वापस लेना चाहिए। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ''किसान की आत्मनिर्भरता के बिना देश कभी आत्मनिर्भर नहीं बन सकता। कृषि विरोधी क़ानून वापस लो। किसान बचाओ, देश बचाओ!''
कांग्रेस के स्थापना दिवस पर आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने संवाददाताओं से कहा, ''सरकार को किसानों की आवाज सुननी चाहिए। यह कहना एकदम गलत है कि यह आंदोलन) राजनीतिक साजिश है। जिस तरह के शब्द ये लोग किसानों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, वो पाप है। किसान का बेटा सीमा पर खड़ा है। किसान देश का अन्नदाता है।''
उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ''सरकार किसानों के प्रति जवाबदेह है। किसानों से बातचीत करनी चाहिए। उनकी आवाज सुननी चाहिए और कानूनों को वापस लेना चाहिए।'' कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ''प्रधानमंत्री जी से आज कांग्रेस के स्थापना दिवस पर इस देश के करोड़ों देशवासियों और कांग्रेसजनों की ओर से हम कहेंगे कि आप राजहठ छोडिए, ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह का व्यवहार छोड़िए, प्रधानमंत्री जी अंग्रेजों जैसा व्यवहार इस देश की जनता से करना बंद करिए और इस देश के किसानों से बात करिए।''
उन्होंने यह भी कहा, ''45 से ज्यादा किसान पिछले 33 दिनों के अंदर अपनी कुर्बानी दे चुके हैं। प्रधानमंत्री से हमारी मांग है कि किसानों से सीधा वार्तालाप करें और तीनों काले कानून वापस लें।'' इस बीच सरकार ने नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे 40 किसान संगठनों को सभी प्रासंगिक मुद्दों पर अगले दौर की वार्ता के लिए 30 दिसंबर को बुलाया है। सरकार द्वारा सोमवार को उठाए गये इस कदम का उद्देश्य तीन नये कृषि कानूनों पर जारी गतिरोध का एक तार्किक समाधान निकालना है।
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