होम पहली बार धरती के बेहद पास से गुजरा एस्टेरॉयड
पहली बार धरती के बेहद पास से गुजरा एस्टेरॉयड
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने माना है कि रविवार को एक एसयूवी आकार के एस्टेरॉयड जिसकी रफ्तार 44 हजार किलोमीटर प्रति घंटा थी, वो पृथ्वी के सबसे पास से गुजरा है, और नासा को इसकी जानकारी उसके गुजरने के बाद हुई. नासा ने जारी अपने बयान में कहा है कि उसने इसे आते नहीं देखा.
नासा ने बताया कि 2020 QG नाम का यह एस्टेरॉयड हिंद महासागर के ऊपर से करीब 1830 मील यानी 2950 किलोमीटर की ऊंचाई से होकर गुजरा. नासा ने बताया कि इसका आकार तीन से 6 मीटर के आसपास था. इस दौरान अच्छी बात यह थी कि वो किसी सैटेलाइट ने नहीं टकराया, क्योंकि जिस ऊंचाई से यह एस्टेरॉयड गुजरा उस उंचाई पर कई टेलीकम्यूनिकेशन सैटेलाइट्स धरती का चक्कर लगाते हैं.
नासा ने बताया है कि अगर यह एस्टेरॉयड धरती की तरफ बढ़ता तो इससे कोई खतरा नहीं होता क्योंकि यह पृथ्वी के वायुमंडल में एक आग का गोला बनकर फट जाता. अंतरिक्ष में सैकड़ों लाखों छोटे क्षुद्रग्रह हैं, लेकिन जब तक वे पृथ्वी के बहुत करीब नहीं पहुंच जाते, तब तक उनकी खोज करना बेहद कठिन है.
नासा ने अपने जारी बयान में कहा कि इससे पहले भी कई एस्टेरॉयड पृथ्वी के ऊपर से गुजरे हैं, लेकिन ऐसा पहली बार है जब कोई एस्टेरॉयड धरती के इतने पास से गुजरा हो.
नासा के जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी में सेंटर फॉर नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट स्टडीज (CNEOS) के निदेशक पॉल चोडास ने कहा,"एक छोटे से क्षुद्रग्रह को इस नज़दीकी से देखना वास्तव में अच्छा है, क्योंकि हम पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण को नाटकीय रूप से इसके प्रक्षेपवक्र में झुकते हुए देख सकते हैं." उन्होंने आगे कहा,"हमारी गणना से पता चलता है कि यह क्षुद्रग्रह 45 डिग्री मुंड़ गयाा जिसके कारण हमारे ग्रह के पास आया."
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।