होम Vande Mataram पर Congress-BJP आमने-सामने! सुधांशु त्रिवेदी ने बोले काँग्रेस माफी मांगे, कांग्रेस ने आरोपों को नकारा
स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में हुए वंदे मातरम् के गायन को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में हुए वंदे मातरम् के गायन को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत के अपमान का आरोप लगाते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से माफी मांगने की मांग की। वहीं कांग्रेस ने वंदे मातरम् के गायन में किसी तरह की बाधा डालने या उसके अपमान के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
सुधांशु त्रिवेदी ने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् 14-15 अगस्त 1947 की रात स्वतंत्र भारत की पहली संविधान सभा जब शुरू हुई थी तो इसी वंदे मातरम् गीत के साथ प्रारंभ हुई थी. वही वंदे मातरम् जिसे गाते हुए लाखों लोगों ने लाठियां, गोलियां खाईं और हजारों लोग फांसी के फंदे पर झूल गए. इसे कांग्रेस की सत्ता की सुविधा और सत्ता लोलुपता की राजनीति ने अपनी तुष्टिकरण और कट्टरवादी ताकतों के आगे कुर्बान करके एक-चौथाई कर दिया था.'
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प और करोड़ों भारतीयों की भावनाओं के अनुरूप इस बार स्वतंत्रता दिवस पर वंदे मातरम् को संपूर्ण रूप में गाया गया।
बीजेपी प्रवक्ता ने कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के गायन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एक-दूसरे से बातचीत करते और किसी व्यक्ति को बुलाते हुए दिखाई दिए।
त्रिवेदी ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प से करोड़ों-करोड़ों भारतवासियों की भावनाओं के अनुरूप ये पहला स्वतंत्रता दिवस है जब वंदे मातरम् संपूर्ण रूप में गाया गया, लेकिन उसी के साथ एक दुर्भाग्यपूर्ण दृश्य देखने को मिला. जब कांग्रेस कार्यालय में वंदे मातरम् गीत गाया जा रहा था, उस समय कांग्रेस की सुप्रीम लीडर सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी वर्तमान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बहुत ही आपत्तिजनक तरीके से असम्मान व्यक्त करते हुए, एक-दूसरे से बातचीत करते हुए नजर आए और किसी को बुलाते हुए नजर आए.'
उन्होंने आगे आरोप लगाया, 'वंदे मातरम के गायन के दौरान कोई व्यक्ति उन्हें आकर कुछ बता भी रहा था और वो लोग एक-दूसरे को इशारे भी कर रहे थे. यह राष्ट्र गीत वंदे मातरम् के प्रति उनका अपमान है, जिससे करोड़ों-करोड़ों भारतवासी बहुत आघात महसूस कर रहे हैं. ये दर्शाता है कि कांग्रेस पार्टी अभी भी संभवत: राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को संपूर्ण रूप से स्वीकार नहीं कर पाई है.'
बीजेपी नेता ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के कथित आचरण की निंदा करते हुए पार्टी से देश के सामने स्पष्टीकरण देने और माफी मांगने की मांग की।
उन्होंने कहा, 'हम कांग्रेस के सर्वोच्च नेतृत्व के इस आचरण की निंदा करते हैं और ये अपेक्षा करते हैं कि कांग्रेस पार्टी देश से इसके लिए माफी मांगे और यह स्पष्टीकरण दे कि उन्होंने ऐसा आचरण क्यों किया? यदि कांग्रेस ऐसा नहीं करती है तो संविधान के प्रति उनकी सच्ची निष्ठा और स्वतंत्रता संग्राम के प्रति उनकी श्रद्धा और करोड़ों भारतवासियों के मान-सम्मान के प्रति उनके विश्वास पर गहरा प्रश्न चिन्ह खड़ा होता है.'
बीजेपी की ओर से लगाए गए आरोपों को कांग्रेस ने खारिज कर दिया। पार्टी की ओर से कहा गया कि सोनिया गांधी वंदे मातरम् के गायन पर आपत्ति नहीं जता रही थीं, बल्कि वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी लाने को कह रही थीं, क्योंकि वह काफी देर से खड़े थे।
कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी मुख्यालय में वंदे मातरम् के सभी छह अंतरे गाए गए थे। इस तरह बीजेपी के आरोपों और कांग्रेस के स्पष्टीकरण के बाद स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम् के गायन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
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