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अंतरराष्ट्रीय हॉकी कोच प्रेमशंकर द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए नामित
जिले के छेछरिहा खुर्द निवासी डॉ. प्रेमशंकर शुक्ल ने राष्ट्रीय खेल हॉकी में 23 बालक एवं बालिकाओं को प्रशिक्षित करके एशियन गेम्स, कामनवेल्थ गेम्स, एशिया कप, एशिया चैम्पियन ट्राफी, यूथ ओलम्पिक एवं अन्य कई प्रतिष्ठित अन्तरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत को स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक जिताकर भारत का नाम विश्व में रोशन किया है। जिसके लिए उन्हें वर्ष 2020 के लाइफ टाइम द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए नामित किया गया है।
प्रशिक्षु इलाहाबाद के दानिश मुजतबा ने 2012 एवं 2016 के ओलम्पिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है एवं भारत की सीनियर हॉकी टीम के कप्तान भी रह चुके हैं। इनके प्रशिक्षु इलाहाबाद के पीयूष दुबे आज भारतीय सीनियर हॉकी टीम के प्रशिक्षक हैं एवं बेंगलुरु में भारतीय हॉकी टीम को प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षु वन्दना कटारिया टोक्यो ओलंपिक के संभावित खिलाड़ियों के लिये बेंगलुरु में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। कई प्रशिक्षु अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का तमगा हासिल कर चुके हैं। इसके अलावा डॉ. प्रेमशंकर शुक्ल विश्व के ऐसे अकेले हॉकी प्रशिक्षक हैं जिन्होंने हिन्दी, अंग्रेजी, पंजाबी एवं भोजपुरी भाषाओं में हॉकी के मधुरतम गीत बनाकर एक तरह का विश्व रिकॉर्ड बनाया है।
डॉ. शुक्ल के हॉकी गीतों का एलबम ''सिंग एण्ड डांस विद हॉकी'' देश विदेश में लोकप्रिय है। हॉकी खेल को प्रमोट, पॉपुलराइज एवं ग्लैमराइज करने के लिए डॉ. शुक्ल ने चार पुस्तकों का प्रकाशन किया है। जिनमें हॉकी की सारी विधायें कविताओं में हैं। यह भी एक विश्व रिकॉर्ड की तरह है। पुस्तकों में 'कवितामयी हॉकी', 'पोयटिक हॉकी', 'आर्टिस्टिक हॉकी' एवं 'सन मून एण्ड स्टार्स ऑफ हॉकी' ये चारों पुस्तकें पूरे देश में लोकप्रिय हैं। हॉकी के जादूगर ध्यानचंद पर इनके द्वारा बनाया गया गीत विश्व प्रसिद्ध हो चुका है। डॉ. शुक्ल ने देश के विभिन्न भागों के खिलाड़ियों को हॉकी में पारंगत करने के साथ-साथ अपनी निवास स्थली कर्वी स्थित ''दृष्टि'' अन्ध बालिकाओं के स्कूल की बालिकाओं को हॉकी के कौशल सिखाकर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। पूर्व द्रोणाचार्य एवं अर्जुन पुरस्कार विजेता ओलम्पियन राजिन्दर सिंह ने इस पुरस्कार हेतु नामित किया है।
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