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समाचारदेश Alert Star Digital Team Apr 3, 2020 03:48 PM

महाराष्ट्र: सीएम उद्धव ठाकरे के सामने फंसा ये बड़ा सियासी पेंच

महाराष्ट्र: सीएम उद्धव ठाकरे के सामने फंसा ये बड़ा सियासी पेंच

महाराष्ट्र: सीएम उद्धव ठाकरे के सामने फंसा ये बड़ा सियासी पेंच

देशभर में कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए 21 दिनों का लॉकडाउन जारी है। ऐसे में लोग अपने घरों तक सीमित है। जरूरी सामानों को छोड़ दिया जाए तो सारे कारोबार ठप्प हैं। सियासी कार्यों पर भी इसका असर पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला है महाराष्ट्र का जहां लॉकडाउन के चलते मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सामने एक अजीब सी स्थिति पैदा हो गई है। दरअसल, पिछले साल नवंबर में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले उद्धव ठाकरे न तो विधायक हैं और न ही विधान परिषद के सदस्य। ऐसे में संविधान के अनुच्छेद 164(4) के तहत उन्हें पद पर बने रहने के लिए 28 मई तक (6 महीने) विधायक या एमएलसी बनना जरूरी है। उद्धव ठाकरे ने 28 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और इस हिसाब से 28 मई तक उनका विधायक बनना जरूरी है। लेकिन मुश्किल यह है कि कोरोना वायरस के चलते सभी सियासी गतिविधियां थमी हुई हैं।

हालांकि, उनके सामने एक रास्ता ये भी है कि वह बिना विधायक या एमएलसी बने सीएम पद पर बने रह सकते हैं। इससे पहले सुशील कुमार शिंदे और पृथ्वीराज चौहान भी इसी तरह मुख्यमंत्री बने थे। यानी ये दोनों न तो विधायक थे और न ही एमएलसी।

इस मामले पर राज्य के पूर्व प्रधान सचिव अनंत कलसे का कहना है कि अगर मई तक उपचुनाव की तारीख घोषित नहीं होती है तो उद्धव ठाकरे समेत पूरी कैबिनेट इस्तीफा देकर दोबारा शपथ ले सकती है। अब यह देखना है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अपने पद पर बने रहने के लिए कौन सा तरीका अपनाते हैं। 28 मई तक पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।

 

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