होम कोरोना वायरस: स्वदेशी परीक्षण किट के उत्पादन में आएगी तेजी
कोरोना वायरस: स्वदेशी परीक्षण किट के उत्पादन में आएगी तेजी
कोरोना वायरस जांच के लिए मेक इन इंडिया के तहत बनाई गई किट की आपूर्ती में अब तेजी आएगी। पुणे स्थित डायग्नोस्टिक कंपनी मायलैब डिस्कवरी सॉल्यूशन ने गुरुवार को कहा कि उसने सीरम इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला और एपी ग्लोबेल के चेयरमैन अभिजीत पवार के साथ साझेदारी की है, ताकि कोविड-19 परीक्षण किट की तेजी से आपूर्ति की जा सके। कंपनी की परीक्षण किट भारत में बनी पहली किट है, जिसे केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ((सीडीएससीओ) से वाणिज्यिक उत्पादन के लिए मंजूरी मिल चुकी है। कंपनी ने इस किट को 'मायलैब पैथोडिटेक्ट कोविड-19 क्वालिटेटिव पीसीआर किट' नाम दिया है।
मायलैब ने बताया कि इस साझेदारी के तहत निवेश किए गए धन का इस्तेमाल कोविड-19 के परीक्षण किट का उत्पादन बढ़ाने और आण्विक डायग्नोस्टिक समाधान के विस्तार के लिए किया जाएगा। बता दें कि कोरोना वायरस की जांच के लिए पुणे की मायलैब को वाणिज्यक उत्पादन के लिए सोमवार को ही अनुमति मिल गई थी। किट बनाने की अनुमति पाने वाली देश की यह पहली कंपनी है। 'माय लैब पैथोडिटेक्ट कोविड-19 क्वॉलिटेटिव पीसीआर किट' बनाने के लिए केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) से अनुमति मिली है।
कंपनी का दावा है कि एक किट से 1000 लोगों की जांच संभव है। अभी एक लैब में औसतन दिनभर में 100 नमूनों की जांच होती है। कंपनी के प्रबंध निदेशक हसमुख रावल ने कहा कि मेक इन इंडिया के तहत किट बनाई गई है। किट विश्व स्वास्थ्य संगठन और अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (सीडीसी) के मानकों के अनुसार तैयार हुई है।
किट को स्थानीय स्तर पर बनाने से इसकी मौजूदा लागत घटकर एक चौथाई हो जाएगी। अभी कोरोना की जांच में चार घंटे लगते हैं। इसके जरिए जांच ढाई घंटे के भीतर संभव है। किट की कीमत करीब 1200 रुपए होगी।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।