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PM मोदी ने देशवासियों को दी नसीहत, कहा- हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं करती
नई दिल्ली. पीएम मोदी ने रविवार को देशवासियों के साथ मन की बात की. उन्होंने 61वें मन की बात कार्य़क्रम में बहुत सारी बातें की. साथ ही लोगों के द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की. उन्होंने कहा कि देश के युवा आत्म विश्वास से भरा हुआ है और हर चुनौती से निपटने को तैयार है. इसके साथ ही उन्होंने युवाओं का ध्यान इस तरफ भी आकर्षित करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि आज देश के लोग हिंसा के मार्ग पर चल पड़े हैं. उन्होंने पूछा कि क्या आपने किसी ऐसी जगह के बारे में सुना है जहां हिंसा से जीवन बेहतर हुआ हो? उन्होंने कहा कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं करती. देश के लोगों को हिंसा के मार्ग को छोड़ देना चाहिए. किसी एक समस्या को समाप्त करने के लिए दूसरी समस्या को जन्म देना, उचित नहीं है.
34,000 ब्रू-शरणार्थियों को त्रिपुरा में बसाया जाएगा- पीएम मोदी
पिछले एक महीने से अधिक समय से लोग नागरिकता संशोधित कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. इस प्रदर्शन से सुलगी आग से कई जगह हिंसा भी हुई. हिंसा में कई लोगों की जानें भी गईं. साथ ही सार्वजनिक संपत्तियों का भी नुकसान हुआ. इसके अलावा उन्होंने कहा कि पिछले दिनों में जब त्योहारों की धूम थी तब दिल्ली एक ऐतिहासिक समझौते का साक्षी बन रहा था. इसके साथ ही, लगभग 25 वर्ष पुरानी Bru-Reang refugee crisis, एक दर्दनाक chapter का अंत हुआ. समझौते के तहत अब उनके लिए गरिमापूर्ण जीवन जीने का रास्ता खुल गया है. आखिरकार 2020 का नया दशक, Bru-Reang समुदाय के जीवन में एक नई आशा और उम्मीद की किरण लेकर आया. करीब 34,000 ब्रू-शरणार्थियों को त्रिपुरा में बसाया जाएगा. ये समझौता कई वजहों से बहुत ख़ास है. ये Cooperative Federalism की भावना को दर्शाता है. समझौते के समय मिज़ोरम और त्रिपुरा, दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री मौज़ूद थे.
असम के लोगों को खेलो इंडिया को लेकर बधाई दी- पीएम मोदी
उन्होंने कहा कि जब हर भारतवासी एक कदम चलता है तो हमारा भारतवर्ष 130 करोड़ कदम आगे बढ़ाता है. इसलिए चरैवेति, चरैवेति... का मंत्र लिए अपने प्रयास करते रहें. स्वच्छता के बाद जन-भागीदारी की भावना, participative sprite आज एक और क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही है और वह है 'जन संरक्षण'. जल संरक्षण के लिए कई व्यापक और इन्नोवेटिव प्रयास देश के हर कोने में चल रहे. मैं असम की सरकार और असम के लोगों को खेलो इंडिया की शानदार मेजबानी के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं. इस महोत्सव ओए अंदर 80 रिकॉर्ड टूटे जिसमें से 56 रिकॉर्ड तोड़ने का काम हमारी बेटियों ने किया है.
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