होम बोनोबो के औजार पाषाणकालीन
बोनोबो ङ्क्षचपैंजी की तरह ही निपुण होते हैं। लगता तो यह है कि उनके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले औजार प्राचीन मनुष्यों के औजारों जैसे ही हैं। लिहाजा बोनोबो के अवलोकन से मानव वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश कर सकते हैं कि हमारे पूर्वजों ने यह हुनर कैसे हासिल किया था।
बोनोबो ङ्क्षचपैंजी की तरह ही निपुण होते हैं। लगता तो यह है कि उनके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले औजार प्राचीन मनुष्यों के औजारों जैसे ही हैं। लिहाजा बोनोबो के अवलोकन से मानव वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश कर सकते हैं कि हमारे पूर्वजों ने यह हुनर कैसे हासिल किया था। बोनोबो की दूसरी खूबियों का पता पहले भी था लेकिन औजारों वाली खूबी का पता हाल ही में चला है। इस्राइल स्थित हाएफा यूनिवॢसटी के इटाई रॉफमैन और उनके साथियों ने बंदी अवस्था में रखे गए कान्जी नाम के बोनोबो को देखा जो एक लट्ठे को फोड़कर उसमें से भोजन प्राप्त करने के लिए पत्थर के औजार का इस्तेमाल करता था। लेकिन हो सकता है कि कान्जी एक अपवाद हो, जिसे मनुष्य ने प्रशिक्षित किया था और इशारों की भाषा भी सिखाई थी। इसीलिए रॉफमैन की टीम आयोवा स्थित बोनोबो सेन्क्चुरी और जर्मनी के चिडि़याघर में अन्य बोनोबो को देखने के लिए गई। इस टीम ने इन्हें ऐसी समस्याएं दीं जिनमें औजार का इस्तेमाल करना जरूरी था। जैसे उन्हें चट्टानों के नीचे दबा भोजन दिखाया गया और वहीं पास में एक ट्रे में सींग और छड़ी जैसे संभावित औजार रख दिए गए। चिडि़याघर के आठ में से दो और सेन्क्चुरी में सात में से चार जानवरों ने इसके लिए औजारों का इस्तेमाल किया, कुछ ने तो लगभग तुरंत किया। बोनोबो ने खुदाई करने के लिए लकडि़यों, पत्थरों और सींगों का इस्तेमाल किया और बड़ी चट्टान को जगह से हटाने के लिए एक लंबी लकड़ी का इस्तेमाल लीवर की तरह किया । कुछ ने औजारों का इस्तेमाल अलग-अलग क्रम में किया। इसी तरह के दूसरे काम में सेन्क्चुरी के तीन जंतुओं ने अस्थि मज्जा में छुपे हुए भोजन को प्राप्त करने के लिए पत्थर को हथौड़ी की तरह इस्तेमाल कर लंबी हड्डियों को तोड़ा। एक बोनोबो ने तो एक लकड़ी को अपने दांतों से नुकीला कर भाला भी बनाया। यह अध्ययन दिखाता है कि बोनोबो कई प्रकार के औजारों के इस्तेमाल में दक्ष हैं। उनको कोई कच्चा माल दिया जाए तो वे उसको इस्तेमाल में आने लायक बना लेते हैं। इस अध्ययन से लगता है कि औजारों का उपयोग काफी प्राचीन है और हमारे पूर्वजों ने भी औजारों का उपयोग किया है। कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि अध्ययन मुख्य रूप से बंदी अवस्था के प्राणियों के साथ हुआ है। कुदरती अवस्था में स्थिति अलग हो सकती है मगर स्पष्ट है कि बोनोबो में भी यह क्षमता तो है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।