होम हरियाणा: मंदिरों में तिलक से पहले लगेगा कोरोना का टीका, मेवात की मस्जिदों से मिली प्रेरणा
हरियाणा: मंदिरों में तिलक से पहले लगेगा कोरोना का टीका, मेवात की मस्जिदों से मिली प्रेरणा
हरियाणा के अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित घेरे में लेने और त्योहारी सीजन को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष योजना तैयार की है। इसके तहत पहली बार धार्मिक स्थलों के बाहर टीकाकरण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। अपने भगवान के दर्शन से पहले श्रद्धालुओं को कोरोना का टीका लगवाना होगा। खासकर नवरात्र में मंदिरों के बाहर टीकाकरण केंद्र बनाने का सभी सीएमओ को निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, गुरुद्वारा, चर्च के बाहर भी ये केंद्र बनाए जाएंगे।
विभाग ने यह फैसला मेवात में मस्जिदों के बाहर टीकाकरण केंद्र स्थापित करने के बाद से मिले परिणामों के आधार पर लिया है। शुरू से ही मेवात टीकाकरण में पीछे चल रहा है। कुछ दिन पहले विभाग ने मस्जिदों के बाहर टीका केंद्र शुरू किए हैं, एकाएक रोजाना सात से 8 हजार लोगों का टीककरण शुरू हो गया है। जबकि इससे पहले, रोजाना 4 से 5 हजार लोगों को ही टीके लगते थे।
विभाग का मानना है कि त्योहारी सीजन में सभी धर्मों के लोग अपने अपने इष्ट देवता की पूजा के लिए धार्मिक स्थलों में जाते हैं। इसलिए टीकाकरण को बढ़ावा देने को यह अच्छा अवसर हो सकता है। इस समय प्रदेश में 2.26 करोड़ लोगों का टीकाकरण हो चुका है। इनमें से 1.64 करोड़ ने पहली और 62 लाख लोगों ने कोरोना टीके की दोनों खुराक ली हैं। इनमें से भी 1.24 करोड़ पुरुषों और करीब एक करोड़ महिलाओं ने टीकाकरण कराया है।
विभाग का लक्ष्य है कि आगामी माह में 40 लाख लोगों को कोरोना की दूसरी खुराक दी जाए, ताकि दोनों खुराक वालों की संख्या को एक करोड़ तक पहुंचाया जा सके। धार्मिक स्थलों के बाहर टीकाकरण केंद्रों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। साथ ही तीन दिन तक मेगा ड्राइव भी चलाया जाएगा। -प्रभजोत सिंह, एमडी, एनएचएम।
सभी सीएमओ को निर्देश दिया है कि त्योहारी सीजन को देखते हुए पूरी तैयारी रखें। जनता से अपील है कि पहली कोशिश तो ये करें कि अपने घर को ही मंदिर मानें और घर पर ही पूजा करें। टीकाकरण को बढ़ावा देने को लेकर इस बार मंदिरों के बाहर टीकाकरण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। -डॉ. वीना सिंह, महानिदेशक, स्वास्थ्य विभाग।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।