होम Amarnath Yatra 2026: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में हाई अलर्ट, अमरनाथ यात्रा से पहले LoC-LAC पर सुरक्षा का बड़ा रिव्यू
अमरनाथ यात्रा 2026 से पहले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। बदलते सुरक्षा हालात और सीमाओं पर बढ़ती सतर्कता के बीच रक्षा प्रतिष्ठान के शीर्ष अधिकारी दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के दौरे पर हैं।
अमरनाथ यात्रा 2026 से पहले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। बदलते सुरक्षा हालात और सीमाओं पर बढ़ती सतर्कता के बीच रक्षा प्रतिष्ठान के शीर्ष अधिकारी दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के दौरे पर हैं। इस दौरान लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC), लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) और अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा तैयारियों की व्यापक समीक्षा की जा रही है।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने पदभार संभालने के बाद शनिवार (27 जून 2026) को जम्मू-कश्मीर का अपना पहला आधिकारिक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लाइन ऑफ कंट्रोल के पास सुरक्षा व्यवस्था और सेना की ऑपरेशनल तैयारियों का विस्तृत आकलन किया।
सेना के अधिकारियों के अनुसार, CDS ने उधमपुर स्थित नॉर्दर्न कमांड मुख्यालय और नगरोटा में XVI कोर मुख्यालय में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर मौजूदा सुरक्षा हालात की समीक्षा की। उन्हें आतंकवाद-रोधी अभियानों, घुसपैठ रोकने के उपायों और आगामी श्री अमरनाथ जी यात्रा की सुरक्षा के लिए किए गए व्यापक इंतजामों की जानकारी दी गई।
जनरल सुब्रमणि ने राजौरी और पुंछ के सीमावर्ती इलाकों में स्थित अग्रिम चौकियों का दौरा कर सीमा पर तैनात जवानों की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने फील्ड कमांडरों के साथ बैठक कर घुसपैठ-रोधी ग्रिड की प्रभावशीलता की समीक्षा की और सीमा पार से घुसपैठ की हालिया कोशिशों तथा उभरती सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा की।
इसके बाद श्रीनगर स्थित 15वीं कोर मुख्यालय में भी सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने अग्रिम क्षेत्रों का दौरा कर फ्रंटलाइन पर तैनात सैनिकों की ऑपरेशनल तैयारियों का भी आकलन किया।
इसी बीच रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने लद्दाख का तीन दिवसीय दौरा शुरू किया है। उनके इस दौरे के दौरान सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक, लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सियाचिन ग्लेशियर का दौरा करने की संभावना है।
इस दौरान ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात जवानों की रहने की सुविधाओं, कल्याण और ऑपरेशनल तैयारियों का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी पूर्वी लद्दाख में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ सुरक्षा हालात की समीक्षा की। उन्होंने लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंटल सेंटर का दौरा कर प्रशिक्षण ढांचे, ऑपरेशनल क्षमताओं और आधुनिकीकरण से जुड़ी पहल का जायजा लिया।
सेना प्रमुख ने कठिन परिस्थितियों में भी उच्च स्तर की ऑपरेशनल तैयारी बनाए रखने के लिए अधिकारियों और जवानों की सराहना की तथा उत्कृष्ट सेवा और समर्पण के लिए चयनित सैन्य कर्मियों को प्रशस्ति पत्र (Commendation Card) प्रदान किए।
दौरे के दौरान CDS जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने लद्दाख के उपराज्यपाल ब्रिगेडियर (डॉ.) बी.डी. मिश्रा (सेवानिवृत्त) से भी मुलाकात की। बैठक में नागरिक-सैन्य समन्वय को और मजबूत बनाने, प्रशासन और सशस्त्र बलों के बीच सहयोग बढ़ाने, क्षेत्रीय विकास को गति देने तथा अग्निवीरों के पुनः रोजगार के अवसरों पर चर्चा की गई।
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