होम अखिलेश यादव 11 साल बाद आए नोएडा लेकिन नहीं रखा यहां की जमीन पर पैर,

प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Feb 5, 2022 09:39 PM

अखिलेश यादव 11 साल बाद आए नोएडा लेकिन नहीं रखा यहां की जमीन पर पैर,

अखिलेश यादव 11 साल बाद आए नोएडा लेकिन नहीं रखा यहां की जमीन पर पैर,

अखिलेश यादव 11 साल बाद आए नोएडा लेकिन नहीं रखा यहां की जमीन पर पैर,

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में अब हफ्ते भर से भी कम का समय रह गया है। तमाम दलों के अपने-अपने जीत के दावे हैं। इस बार सत्ताधारी पार्टी बीजेपी को उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी से कड़ी टक्कर मिलती दिख रही है। अखिलेश यादव सत्ता पर एक बार फिर काबिज होने का सपना देख रहे हैं, लेकिन सपा प्रमुख एक अंधविश्वास का दामन छोड़ने को आज भी तैयार नहीं है। दरअसल पिछले 11 सालों से अखिलेश यादव ने नोएडा की जमीन पर कदम नहीं रखा है। 2012 से 17 तक जब वह मुख्यमंत्री थे उस कार्यकाल में भी वो एक बार भी नोएडा नहीं आए। हाल ही में प्रचार के दौरान उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री का काफिला रात 11 बजे ग्रेटर नोएडा के लुहाली (दादरी) टोल प्लाजा पर पहुंचा, लेकिन उन्होंने हर बार की तरह इस बार भी नोएडा की जमीन पर कदम नहीं रखा।

इस बार भी नोएडा की जमीन पर नहीं रखा कदम

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बारिश के बावजूद कई घंटों से अखिलेश का टोल प्लाजा पर इंतजार कर रहे थे। 11 साल बाद पहुंचे अखिलेश के आते ही कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़ों से उनका स्वागत किया। लेकिन अखिलेश इस बार भी गाड़ी से नीचे तक नहीं उतरे। सपा प्रमुख ने अपने रथ की खिड़की खोल कर हाथ हिलाया और दिल्ली की तरफ रवाना हो गए।

 

क्यों अखिलेश नहीं आते नोएडा

हम बताते हैं आपको कि अखिलेश यादव के इस अंधविश्वास के पीछे की वजह क्या है? दरअसल यह माना जाता है कि जो नेता नोएडा का दौरा करता है उसके हाथ से यूपी की सत्ता चली जाती है। 1980 से लेकर 5 बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को नोएडा का दौरा करने के बाद अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी। और सपा प्रमुख भी इसी अंधविश्वास के चलते डरते हैं। इसीलिए अपनी सरकार के जाने के बाद भी उन्होंने नोएडा में कदम नहीं रखा। एनडी तिवारी 1980 में नोएडा आए थे, और मुख्यमंत्री की कुर्सी गंवा बैठे। इसी तरह 1988 में वीर बहादुर सिंह ने नोएडा का दौरा किया और कुछ ही दिनों बाद उनके हाथ से भी सत्ता चली गई। 1995 में मुलायम सिंह यादव, 1997 में मायावती और 1999 में कल्याण सिंह के साथ भी यही हुआ था। 2011 में भी मायावती नोएडा आईं और 2012 में उनके हाथ से सत्ता चली गई।

 

इस मिथक को योगी आदित्यनाथ ने तोड़ा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस अंधविश्वास को नहीं मानते, अपने कार्यकाल के दौरान वह 20 से ज्यादा बार नोएडा आ चुकें हैं । सीएम 23 दिसंबर 2017 को मेट्रो का उद्घाटन करने के लिए नोएडा आए थे। इसी दौरान हुई सभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने नोएडा के बहाने अखिलेश यादव को अंधविश्वासी करार दिया था। उन्होंने कहा था आज मुझे खुशी है कि जिस नोएडा को लेकर एक छवि बन गई थी कि कोई मुख्यमंत्री यहां आ नहीं सकता। उस मिथक को बिना बोले योगी जी ने अपने आचरण से सिद्ध कर दिया यह मान्यताएं गलत होती हैं। आधुनिक युग में ऐसा नहीं हो सकता।

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