होम अखिलेश यादव का आरोप; बेबी रानी मौर्य का जानबूझकर कराया जा रहा अपमान
यूपी सरकार में महिला कल्याण, बाल विकास एवं पोषण आहार मंत्री बेबी रानी मौर्य और थाना प्रभारी आनंद सिंह के बीच अभद्रता का मामला गरमा गया है। इस घटना पर अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया है।
झांसी: यूपी सरकार में महिला कल्याण, बाल विकास एवं पोषण आहार मंत्री बेबी रानी मौर्य और थाना प्रभारी आनंद सिंह के बीच अभद्रता का मामला गरमा गया है। इस घटना पर अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया है।
अखिलेश यादव ने शुक्रवार (12 सितंबर) को प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
"कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य का जानबूझकर अपमान कराया जा रहा है।"
उन्होंने आगे दावा किया कि, "वह राज्यपाल थीं और उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन सिर्फ कैबिनेट मंत्री बनाकर छोड़ दिया गया।" उनके इस बयान के बाद यूपी की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
झांसी दौरे पर पहुंची मंत्री बेबी रानी मौर्य ने आरोप लगाया कि सीपरी बाजार थाना प्रभारी आनंद सिंह ने उनके साथ अभद्रता की और विधायक राजेश सिंह 'रविश' से भी दुर्व्यवहार किया।
इसके बाद मंत्री ने डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह को पत्र लिखकर तत्काल निलंबन और विभागीय जांच की मांग की। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
बेबी रानी मौर्य ने पत्रांक 243 (10 सितंबर) में लिखा कि थाना प्रभारी बातचीत के दौरान आक्रामक हो गए और उन्होंने जनप्रतिनिधियों का सम्मान नहीं किया। उन्होंने गृह विभाग से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
विधायक राजेश सिंह 'रविश' ने भी थाना प्रभारी के खिलाफ निलंबन की मांग की, जिसे मंत्री ने समर्थन दिया।
यह घटना यूपी में भाजपा सरकार के भीतर पुलिस की मनमानी और बढ़ती बेलगाम व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। अब मामला केवल प्रशासनिक स्तर पर ही नहीं बल्कि राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है।
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