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प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team Sep 11, 2025 07:37 PM

गोरखपुर में बोले सीएम योगी, “कर्ता के प्रति कृतज्ञता का भाव सनातन का पहला संस्कार”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “कर्ता के प्रति कृतज्ञता का भाव प्रकट करना सनातन धर्म का पहला संस्कार है।” उन्होंने कहा कि भारतीय मनीषा के ज्ञान-दर्शन में यह स्थापित है कि जिसने भी जीवन, समाज और राष्ट्र के लिए योगदान दिया है, उसके प्रति कृतज्ञ होना चाहिए।

गोरखपुर में बोले सीएम योगी, “कर्ता के प्रति कृतज्ञता का भाव सनातन का पहला संस्कार”

गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “कर्ता के प्रति कृतज्ञता का भाव प्रकट करना सनातन धर्म का पहला संस्कार है।” उन्होंने कहा कि भारतीय मनीषा के ज्ञान-दर्शन में यह स्थापित है कि जिसने भी जीवन, समाज और राष्ट्र के लिए योगदान दिया है, उसके प्रति कृतज्ञ होना चाहिए।

सीएम योगी गुरुवार (आश्विन कृष्ण चतुर्थी) को गोरखपुर में आयोजित युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं तथा राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि के साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह के समापन अवसर पर श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे थे।

रामायण का उदाहरण देते हुए समझाया कृतज्ञता का महत्व

मुख्यमंत्री ने रामायणकाल में हनुमानजी और मैनाक पर्वत के संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि “कृते च कर्तव्यम एषः धर्म सनातनः” यही सनातन का मूल भाव है। उन्होंने बताया कि आश्विन माह का पूरा कृष्ण पक्ष पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता अर्पित करने के लिए समर्पित है। गोरक्षपीठ में महंतद्वय की पुण्य स्मृति में आयोजित यह साप्ताहिक कार्यक्रम भी कृतज्ञता का प्रतीक है।

महंतद्वय के योगदान को किया याद

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ समाज, राष्ट्र और धर्म के हर मुद्दे पर प्रतिबद्ध रहे।

  • महंत दिग्विजयनाथ ने शिक्षा, सेवा और राष्ट्रीयता के मूल्यों की नींव रखी।
  • महंत अवेद्यनाथ ने उन आदर्शों को आत्मसात कर आगे बढ़ाया और जीवनपर्यंत धर्म व राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बताया राष्ट्र की आधारशिला

सीएम योगी ने कहा कि गोरक्षपीठ के महंतद्वय ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सशक्त राष्ट्र की नींव माना।

  • 1932 में महंत दिग्विजयनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की।
  • गोरखपुर में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए उन्होंने महाराणा प्रताप महाविद्यालय और महिला विद्यालय दान में दिए।
  • उन्होंने महिला, तकनीकी और आयुष शिक्षा को भी प्रोत्साहन दिया।
    महंत अवेद्यनाथ ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया।

श्रीराम मंदिर आंदोलन में अविस्मरणीय योगदान

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के यज्ञ की शुरुआत महंत दिग्विजयनाथ ने की थी।
1983 से जीवन पर्यंत महंत अवेद्यनाथ जी इस संघर्ष में जुटे रहे।

सामाजिक समरसता के पैरोकार रहे महंत अवेद्यनाथ

सीएम योगी ने कहा कि महंत अवेद्यनाथ जी ने अश्पृश्यता के खिलाफ आवाज उठाई और जीवनभर सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता अर्पित करने का पर्व है। इसी क्रम में गोरक्षपीठ महंतद्वय की पुण्यतिथि श्रद्धा और समर्पण से मना रहा है।

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