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कब तक दरी बिछाएंगे? आजम खां के एक और करीबी का अखिलेश यादव पर हमला
सपा में सब कुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है। रामपुर में आजम खां के समर्थक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ मुखर होते जा रहे हैं। आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू के बाद अब एक और समर्थक ने मुंह खोला है। लोहिया विचार मंच के प्रदेशाध्यक्ष मुईन पठान ने कहा है कि अब वक्त आ गया है, आजम साहब ठोस निर्णय लें।वहीं, सपाइयों द्वारा सपा मुखिया अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोले जाने के बाद सियासी वार पलटवार का दौर जारी है। इस प्रकरण में अब जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल भी कूदे हैं। उन्होंने विरोधी सुरों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने सभी की बात सुनी है। अब इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट सपा मुखिया को भेज दी है। उन्होंने यादव सभा से जुड़े सपा नेताओं के बयान पर कहा कि यदि किसी को कुछ कहना था तो पार्टी के फोरम पर कहना चाहिए था।पठान ने एक बयान जारी करके कहा है कि चार फीसदी वोट वाले राजभर और पांच से सात फीसदी वोट वाले जयंत को अक्कू भैया (अखिलेश यादव) साथ लिए घूमते हैं, लेकिन, 22 फीसदी वोटबैंक वाले आजम साहब को भूल गए हैं। रामपुर के कार्यकर्ताओं के रोष जताने पर बीते 24 माह में अखिलेश यादव सिर्फ एक बार आजम खां से मिलने जेल पहुंचे।कहा कि अखिलेश ने सियासत में कुछ खोया नहीं है, सिर्फ पाया है जबकि, आजम साहब ने अपनी जिंदगी फना कर दी। इस पार्टी को कहां से कहां पहुंचा दिया। सपा नेता ने कहा कि खुद अखिलेश भी जानते हैं कि विस चुनाव में सिर्फ मुसलमानों के बूते वह कहां से कहां पहुंचे हैं। अन्यथा 27 सीट भी नहीं मिलतीं। इसके बाद भी आजम खां को नेता प्रतिपक्ष तक नहीं बनाया। अब वक्त आ गया है, अब आजम खां कड़ा निर्णय लें। आखिर कब तक हम आजमवादी लोग सिर्फ दरी बिछाने, नेताओं की कुर्सियां लगाने के काम करते रहेंगे।
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